खनिज संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में गिरिडीह में भाकपा माले का प्रदर्शन, आंदोलन की चेतावनी

खनिज संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में गिरिडीह में भाकपा माले का प्रदर्शन, आंदोलन की चेतावनी

गिरिडीह। केंद्र द्वारा पारित खनिज संशोधन विधेयक 2026 को लेकर झारखंड में विरोध तेज होता दिख रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को गिरिडीह में भाकपा (माले) और उससे जुड़े विभिन्न जनसंगठनों ने विधेयक के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर बिल को लागू नहीं होने देंगे और जरूरत पड़ी तो व्यापक आंदोलन के साथ सड़कों पर उतरेंगे।

भाकपा (माले) ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2019 और 2024 में भी स्थानीय लोगों पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया था। पार्टी का आरोप है कि विरोध के बावजूद अब विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा से पारित करा लिया गया है तथा राष्ट्रपति की मंजूरी की प्रक्रिया बाकी है। पार्टी नेताओं ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों के संरक्षण की बात करती रही हैं, ऐसे में अब केंद्र सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है, यह देखने वाली बात होगी।

पार्टी नेताओं ने कहा कि झारखंड सरकार और उसके सहयोगी दलों ने भी विधेयक के विरोध में व्यापक आंदोलन का ऐलान किया है। राज्य की खनिज संपदा और उससे होने वाले राजस्व को लेकर केंद्र की नीतियों का विरोध जारी रखने की बात कही गई। नेताओं ने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

इधर, मुफ्फसिल क्षेत्र के महुआटांड़ कार्यालय में भाकपा (माले) एवं उससे जुड़े संगठनों के कार्यकर्ताओं की बैठक हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। बैठक में विधेयक के खिलाफ आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई और कार्यकर्ताओं ने विरोध जारी रखने का संकल्प लिया।

मौके पर जिला कमिटी सदस्य राजेश सिन्हा, कन्हाई पांडेय, मसूदन कोल, राजेश राय, किशोर राय, भीम कोल, मोहन कोल्ह, प्रदीप कुमार, फेकन राय, गुलाब कोल, रंजीत सिंह, टैटू राय, बुधन राय, नौशाद आलम, एकराम अंसारी, मनोज यादव, गांधी और अमन वारसी समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।