केतार में ताली महायज्ञ के पांचवें दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सुरेश शास्त्री ने सुनाई रामकथा

केतार में ताली महायज्ञ के पांचवें दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सुरेश शास्त्री ने सुनाई रामकथा

गढ़वा जिले के केतार प्रखंड स्थित ताली गांव में पंडा नदी तट पर आयोजित सप्त कुंडीय विष्णु महायज्ञ के पांचवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बिहार से पहुंचे कथा वाचक सुरेश शास्त्री ने रामकथा के माध्यम से पारिवारिक प्रेम, श्रद्धा, विश्वास और संस्कारों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि परिवार में प्रेम है तो बसंत है, नहीं तो अंत है। जिस परिवार में आपसी प्रेम और विश्वास बना रहता है, वहां सुख-शांति और खुशहाली रहती है। उन्होंने गर्भ संस्कार का महत्व बताते हुए कहा कि मां के विचारों और आचरण का प्रभाव गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी पड़ता है। वहीं, महायज्ञ के दौरान आयोजित रासलीला में भगवान की मनमोहक झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पूरा महायज्ञ स्थल भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा।