राष्ट्रीय एकता दिवस पर कस्तूरबा विद्यालय में जागरूकता अभियान, थाना प्रभारी ने छात्राओं को बताए सुरक्षा के उपाय
एकता दिवस पर कस्तूरबा विद्यालय में जागरूकता अभियान, थाना प्रभारी ने छात्राओं को दी कानून और सुरक्षा की जानकारी
धुरकी प्रतिनिधि।। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शनिवार को धुरकी थाना प्रभारी जनार्दन राउत के नेतृत्व में धुरकी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान थाना प्रभारी ने विद्यालय की छात्राओं को नशामुक्ति, डायल 112, साइबर क्राइम, डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम एवं यातायात सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां देकर जागरूक किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सामाजिक कुरीतियों, अपराधों और सड़क दुर्घटनाओं के प्रति जागरूक कर सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना था।
कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी जनार्दन राउत ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशा समाज और परिवार दोनों के लिए अभिशाप है। नशे की लत से व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसान होता है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी नशामुक्ति के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए युवाओं और विद्यार्थियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
वहीं डायल 112 की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति, दुर्घटना, मारपीट, छेड़छाड़ अथवा अन्य संकट के समय पुलिस सहायता के लिए डायल 112 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं को बताया कि किसी भी परेशानी या असुरक्षा की स्थिति में डरने और चुप रहने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें।
साइबर अपराध के संबंध में थाना प्रभारी ने छात्राओं को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अनजान मोबाइल नंबर से आने वाले कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी मांगने वाले संदेश और सोशल मीडिया पर अज्ञात लोगों की मित्रता से सावधान रहें। किसी भी परिस्थिति में अपना बैंक खाता, पासवर्ड, ओटीपी एवं निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी।
इसके अलावा उन्होंने डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम के बारे में बताते हुए कहा कि अंधविश्वास के कारण किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करना कानूनन अपराध है। समाज में ऐसी कुरीतियों के खिलाफ सभी लोगों को आगे आने की जरूरत है। उन्होंने यातायात सुरक्षा पर भी प्रकाश डालते हुए हेलमेट पहनने, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करने तथा सड़क पर यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।
थाना प्रभारी ने छात्राओं से कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और कानूनी जानकारी रखना भी जरूरी है। जागरूकता ही अपराध और सामाजिक बुराइयों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने छात्राओं को किसी भी गलत गतिविधि की जानकारी मिलने पर शिक्षकों, अभिभावकों अथवा पुलिस को सूचित करने की सलाह दी।
इस जागरूकता अभियान के माध्यम से छात्राओं को न केवल उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश भी दिया गया।


