केचकी-बेतला के दुर्गा पूजा पंडालों में पहुंचीं जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर, मांगी सुख-समृद्धि की दुआ
जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने केचकी-बेतला के दुर्गा पूजा पंडालों में की पूजा-अर्चना, क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना
बरवाडीह से अर्चना कुमारी की रिपोर्ट।
बरवाडीह (लातेहार)। दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर बरवाडीह पश्चिमी क्षेत्र की जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने शनिवार देर रात केचकी और बेतला पंचायत के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं और पूजा समितियों के सदस्यों से मुलाकात कर सभी को दुर्गा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
पूजा पंडालों में पहुंचने पर संतोषी शेखर ने मां दुर्गा के समक्ष शीश झुकाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान पूजा पंडालों में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन कर परिवार और समाज की खुशहाली के लिए प्रार्थना करते नजर आए।
इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने कहा कि मां दुर्गा सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि दुर्गा पूजा का त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएं। त्योहार हमारी संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे अवसर समाज के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं और आपसी एकता को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। मां दुर्गा की आराधना हमें साहस, शक्ति और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। इसलिए सभी लोगों को त्योहार के दौरान आपसी सद्भाव बनाए रखना चाहिए और मिल-जुलकर खुशियां बांटनी चाहिए।
संतोषी शेखर के केचकी और बेतला पंचायत के पूजा पंडालों में पहुंचने के दौरान श्रद्धालुओं एवं पूजा समिति के सदस्यों के बीच उत्साह का माहौल रहा। उन्होंने पूजा समितियों के सदस्यों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र में शांति, एकता तथा समृद्धि की कामना की।
दुर्गा पूजा के अवसर पर जनप्रतिनिधियों की इस तरह की सहभागिता से धार्मिक और सामाजिक आयोजनों को प्रोत्साहन मिलता है। मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और भक्ति के साथ क्षेत्रवासियों ने त्योहार को उत्साहपूर्वक मनाया।


