कार के शीशों पर बड़े स्टिकर लगाना पड़ सकता है महंगा
कार के शीशों पर बड़े स्टिकर लगाना पड़ सकता है महंगा
विजिबिलिटी प्रभावित होने पर ट्रैफिक पुलिस कर सकती है कार्रवाई, फर्जी सरकारी स्टिकर लगाने पर भी बढ़ेगी परेशानी
नई दिल्ली। कार को स्टाइलिश बनाने के लिए शीशों पर बड़े-बड़े स्टिकर लगाना अब वाहन मालिकों के लिए महंगा पड़ सकता है। ट्रैफिक नियमों के अनुसार वाहन की विंडस्क्रीन या खिड़कियों पर ऐसा कोई स्टिकर अथवा फिल्म नहीं लगाई जा सकती, जिससे चालक की दृश्यता प्रभावित हो।
नियमों के मुताबिक कार की फ्रंट और रियर विंडस्क्रीन कम से कम 70 प्रतिशत, जबकि साइड विंडो 50 प्रतिशत तक विजिबल होनी चाहिए। बड़े स्टिकर, डार्क फिल्म या अन्य सामग्री के कारण दृश्यता कम होने पर ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई कर सकती है।
500 से 2,000 रुपये तक चालान का दावा
दी गई जानकारी के अनुसार, मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 और 177 के तहत नियमों के उल्लंघन पर 500 से 2,000 रुपये तक का चालान किया जा सकता है। हालांकि, वास्तविक जुर्माना उल्लंघन की प्रकृति और स्थानीय नियमों के आधार पर अलग हो सकता है।
फर्जी सरकारी स्टिकर से भी रहें सावधान
कार पर प्रेस, पुलिस, आर्मी, एडवोकेट या किसी सरकारी विभाग से संबंधित फर्जी स्टिकर लगाना भी वाहन मालिक के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। ऐसे स्टिकर का गलत इस्तेमाल कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
इसके अलावा जातिसूचक, धार्मिक या भड़काऊ संदेश वाले स्टिकर को लेकर भी कई स्थानों पर सख्ती बरती जाती है। ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
वाहन मालिकों के लिए बेहतर है कि कार के शीशों पर ऐसे किसी भी स्टिकर, फिल्म या संदेश का इस्तेमाल न करें, जो सुरक्षा, दृश्यता या यातायात नियमों का उल्लंघन करता हो।

