जमुआ में 15 सूत्री मांगों को लेकर 66 दिनों से धरना जारी, आंदोलनकारियों ने समाधान की उठाई मांग

गिरिडीह। जमुआ प्रखंड की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर सागर राणा, विश्वनाथ सिंह समेत अन्य सदस्य पिछले 66 दिनों से जमुआ अंचल कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों ने प्रशासन के समक्ष 15 सूत्री मांगें रखी हैं और मांगों के समाधान होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में जमुआ प्रखंड की सभी पंचायतों में मनरेगा सामग्री मद की बकाया राशि का भुगतान करना, सभी गांवों में जल नल योजना के तहत पेयजल की व्यवस्था करना तथा खाद्यान्न की कालाबाजारी की जांच कर दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई और लाभुकों को नियमित राशन उपलब्ध कराना शामिल है।
जमुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है। इसके अलावा मेदनीचपरखो पंचायत के गोविंदपुर गांव में संचालित लंगटा बाबा माइंस स्टोन की जांच, जमुआ चौक की चारों सड़कों की मरम्मत और जल निकासी के लिए बड़े नाले का निर्माण कराने की मांग रखी गई है।
खरगडीहा और कुरहोबिंदो ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के माध्यम से लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने, प्रखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच कर व्यवस्था में सुधार करने तथा KGBV, प्राथमिक, मध्य, उच्च और प्लस-टू विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग भी शामिल है।
आंदोलनकारियों ने मईया सम्मान योजना से छूटे योग्य लाभुकों को योजना से जोड़ने, खरगडीहा पंचायत के बेलकुण्डी गांव में त्रिवेणी नदी से पानी की व्यवस्था करने, प्रखंड की सभी गैस एजेंसियों की जांच कराने, खरगडीहा पावर हाउस में T.R.W. की व्यवस्था करने और जमुआ क्षेत्र के सभी क्रशर की जांच कराने की मांग की है।
धरना दे रहे लोगों का कहना है कि 66 दिनों से आंदोलन के बावजूद उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान कराने की मांग की है।