“जिला संयुक्त औषधालय गिरिडीह में दसवां आयुर्वेद दिवस धूमधाम से मनाया गया”

जिला संयुक्त औषधालय गिरिडीह के प्रांगण में दसवां आयुर्वेद दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। बताया गया कि स्वास्थ्य ही मनुष्य का सबसे बड़ा धन संपदा है और भगवान धनवन्तरदेव जी इसके आयुर्वेद के विख्यात है। पहले धनतेरस के दिन मनाया जाता था और धीरे-धीरे धनतेरस को लोग आयुर्वेद दिवस ना मना करके सोना चांदी आदि इकट्ठा करने में लग जाते हैं। असल में सबसे बड़ी संपत्ति अपना स्वास्थ्य है जिसका आज 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस का मान्यता दिया गया है। आज आयुष मंदिर में भगवान धनवंतरी देव का विधिवत पूजा आरती के साथ साथ दीप प्रज्वलित करके प्रतिमा पर माल्यार्पण करके मनाया गया। इस कार्यक्रम में डीएमओ सर अलावा बड़ा बाबू मुरारी राय, गणेश कुमार यादव,डॉक्टर पूनम , डॉक्टर नितिन सर, डॉक्टर संजय सर के साथ-साथ योग शिक्षक गण आदि इसमें शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाया। जागरूकता के तौर पर एक रैली भी निकल गई रैली में स्कूल के बच्चों ने भी भाग लिया करो योग रहो निरोग आयुर्वेद को अपनाएं स्वस्थ जीवन जिए आदि नारे लगाए गए। इसके साथ-साथ स्कूल कॉलेज में औषधीय पौधों का वितरण भी किया गया और वृक्षारोपण भी किया गया। जिसमें नीम तुलसी एलोवेरा गिलोय घृतकुमारी दूधी लेवन ग्रास भूमि आंवला पुनर्नवा आदि औषधीय पौधों का वितरण किया गया और वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व डीएमओ डॉ गुलाम मुस्तफा ने किया।