झुमरी तिलैया में भागवत कथा के तीसरे दिवस पर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी हुईं शामिल, आचार्य रामकरण सहल ने सुनाई दशावतार कथा
झुमरी तिलैया में भागवत कथा के तीसरे दिवस पर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी हुईं शामिल, आचार्य रामकरण सहल ने सुनाई दशावतार कथा
संवाददाता जिला ब्यूरो चीफ
झुमरी तिलैया – श्रीमद् भागवत सप्ताह पारायण यज्ञ के तीसरे दिवस की कथा व्यासपीठ से कथावाचक आचार्य रामकरण सहल ने प्रस्तुत की। यजमान अनुप जोशी एवं उनकी धर्मपत्नी नीलम जोशी ने पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया।
व्यास जी ने अपने मुखारविंद से श्रोताओं को यह दिव्य ज्ञान दिया कि भागवत कथा सात दिवस की ही क्यों होती है। उन्होंने कहा कि प्रथम भागवत कथा राजा परीक्षित ने श्री सुखदेव जी से सुनी थी। “परीक्षित” का अर्थ होता है – जो दूसरों द्वारा रक्षित हो, और हम सभी मनुष्य भी ईश्वर द्वारा रक्षित हैं, अतः हम सभी ‘परीक्षित’ हैं। चूंकि सप्ताह में केवल सात ही दिन होते हैं, आठवां दिन नहीं, इसलिए कलयुग में भागवत कथा सप्तदिवसीय परंपरा से ही होती है।
आचार्य रामकरण सहल ने भगवान के दशावतार की कथा का रसपान कराते हुए नरसिंह अवतार और वामन अवतार का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि प्रभु कण-कण में व्याप्त हैं, जीव और निर्जीव सभी में ईश्वर की उपस्थिति है। वामन अवतार की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि “जो मांगने वाला होता है, वह सदैव छोटा ही होता है”, प्रभु ने जब राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी तो वामन रूप में प्रकट हुए।
इस अवसर पर कार्यक्रम में सुबह बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी भागवत कथा पंडाल राधाकृष्ण का दर्शन किया। और आशिर्वाद लिया । आचार्य रामकरण सहल ने अन्नपूर्णा देवी को दुपट्टा देकर सम्मानित किया तथा भगवान का प्रसाद दिया। अन्नपूर्णा देवी ने श्रद्धालु भक्तों से कहा कि भागवत कथा का श्रवण आत्मा को शांति और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। कथा सुनने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही और सभी ने आचार्य रामकरण सहल के मुखारविंद से अमृतमयी कथा का श्रवण कर दिव्य आनंद प्राप्त किया। भागवत कथा सुनने वालों में
भागवत कथा श्रवण करने वाले श्रद्धालु भक्त रवि मोदी, नितेश चन्द्रवंशी,दिनेश मिश्रा, अखिल सिन्हा, प्रभाकर रावत, राजेश सिंह,कैलाश जोशी, बनवारी शर्मा,शुशील जोशी,पवन जोशी, अनील शर्मा,महेंद्र जोशी, विजय जोशी, धीरज जोशी, मनोज जोशी, नरेन्द्र जोशी, चन्द्रशेखर जोशी,ईशान जोशी,संजय शर्मा, सुनील जोशी,नरेन्द्र पाल, राकेश शर्मा, मनोज शर्मा, विक्रम शर्मा, गौपाल शर्मा, आत्मानन्द पाण्डेय,अरुण मोदी, संजय बनर्जी, अमरेन्द्र शर्मा, राधेश्याम पाण्डेय, राजीव तिवारी, सुनील सिंह, दिलीप महतो, बिकास अग्रवाल,पुष्पा जोशी,पुनम सेठ ,संगीता शर्मा,किरण जोशी,सरोज शर्मा, अरुणा जोशी, बबीता जोशी, ममता शर्मा, निर्मला शर्मा,विमला शर्मा,मंजु जोशी, सुनीता जोशी,ललीता शर्मा, सुजाता जोशी, ऊषा शर्मा, पायल पंकज जोशी,सुनिती सेठ,,आदि सैकड़ो श्रृद्धालु भक्त शामिल हुए।

