हुनर से आत्मनिर्भर बन रहीं पाटन की महिलाएं, बुके और गुलदस्ते बनाकर बढ़ा रहीं आमदनी
हुनर से आत्मनिर्भर बन रहीं पाटन की महिलाएं, जेएसएलपीएस से जुड़कर तैयार कर रहीं आकर्षक बुके और गुलदस्ते
पाटन (पलामू): पलामू जिले के पाटन प्रखंड में जेएसएलपीएस से जुड़ी महिला समूह की सदस्य अपने हुनर और मेहनत के बल पर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। महिलाएं स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आकर्षक हस्तनिर्मित बुके और गुलदस्ते तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों की बाजार में बिक्री भी हो रही है और सरकारी एवं गैरसरकारी कार्यक्रमों में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है।
जेएसएलपीएस के पलामू जिला कार्यक्रम प्रबंधक के निर्देशन में महिलाओं की आजीविका के साधन बढ़ाने के लिए जिले में विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में पाटन प्रखंड के केल्हार गांव की लक्ष्मी समूह की सदस्य रेखा देवी और कौशल्या देवी तथा नवादा गांव की राधा समूह की सदस्य मानती देवी और अर्चना कुमारी द्वारा जुट, बांस, कागज, कपड़े सहित स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों से बुके और गुलदस्ते तैयार किए जा रहे हैं।
महिला समूह की सदस्यों के अनुसार, तैयार किए गए बुके और गुलदस्ते की कीमत करीब 150 से 200 रुपये तक है। बाजार में इनकी बिक्री हो रही है। खासकर सरकारी और गैरसरकारी कार्यक्रमों में हस्तनिर्मित बुके और गुलदस्ते की मांग बढ़ने से महिलाओं को अतिरिक्त आय का अवसर मिल रहा है।
बताया गया कि इस कार्य में हुसैनाबाद, विश्रामपुर, छतरपुर, मनातू और पाटन प्रखंड के महिला समूहों की सदस्य भी जुड़ी हैं और विभिन्न स्थानों पर उत्पादों की आपूर्ति की जा रही है।
जेएसएलपीएस के कार्यक्रम प्रबंधक ने बताया कि पाटन प्रखंड की महिला समूह की सदस्यों को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, ताकि महिलाएं अपने हुनर को व्यवसाय का रूप देकर स्वरोजगार से जुड़ सकें। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की आय के साधन बढ़ाने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।

