गांव का पहला अग्निवीर बना उदय दास, वर्दी में घर लौटने पर भव्य स्वागत

गिरिडीह। जिले के गांवा प्रखंड के बिरने गांव के रविदास टोला में खुशी का माहौल एक उत्सव के रूप में तब्दील हो गया, जब गांव के युवाओं में से प्रथम बार किसी ने भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में चयन पाकर गांव लौट कर वर्दी में कदम रखा। उदय दास की ट्रेनिंग पूरी कर घर वापसी पर ग्रामीणों ने उन्हें फूल-मालाओं से स्वागत किया और भव्य जुलूस निकाला।
स्थानीय ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, गाजे-बाजे व डीजे के साथ स्वागत रैली निकाली जिसमें बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएँ और बच्चे शामिल हुए। रैली में उदय तिरंगा हाथ में लेकर वाहन पर खड़े होकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करते दिखे। गांव की करीब 1300 की आबादी में अब तक कोई भी युवक सेना में चयनित नहीं हुआ था, इसलिए उदय की इस उपलब्धि से पूरे समुदाय में गर्व का संचार देखने को मिला।
उदय की मां निर्मला देवी भावुक नजर आईं और उन्होंने कहा कि बेटे के इंडियन आर्मी में चयन से परिवार और गांव दोनों का नाम रोशन हुआ है। ग्रामीणों ने उदय को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया और उम्मीद जताई कि उनकी सफलता से क्षेत्र के अन्य युवाओं में देश सेवा के लिए जागरूकता और उत्साह बढ़ेगा।
गांव के मुखिया व स्थानीय बुजुर्गों ने भी उदय की उपलब्धि की सराहना की और कहा कि वह आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बनेंगे।