एचडीएफसी बैंक परिवर्तन एवं सपोर्ट संस्था ने बेहरा गांव में जगाई पर्यावरण चेतना, विश्व पर्यावरण दिवस पर हुआ सामूहिक वृक्षारोपण

चतरा (पत्थलगड़ा) : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर चतरा जिले के मेराल पंचायत अंतर्गत आदिवासी बहुल बेहरा गांव में एचडीएफसी बैंक परिवर्तन एवं सपोर्ट संस्था के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एचआरडीपी परियोजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान सामूहिक वृक्षारोपण किया गया और लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ भी ली।
इस अवसर पर परियोजना के एक्सपर्ट अक्षयानंद पाठक ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी जीवनशैली और सामाजिक जिम्मेदारी का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से पर्यावरणीय संकट गहराता जा रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन में अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, सुरक्षित जल और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपोर्ट संस्था के विनय कुंवर ने कहा कि प्रकृति मानव जीवन का आधार है। भोजन, जल, औषधि और आजीविका जैसे अधिकांश संसाधन हमें प्रकृति से ही प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमें धैर्य, अनुशासन और निरंतरता की सीख देती है। जिस प्रकार नदियां कठिन मार्गों से गुजरते हुए अपने लक्ष्य तक पहुंचती हैं और सूर्य-चंद्रमा नियमित रूप से अपनी गति बनाए रखते हैं, उसी प्रकार हमें भी प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीना चाहिए।
विश्व पर्यावरण दिवस की थीम के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। ग्रामीणों को पौधों की सुरक्षा और उनके नियमित रखरखाव के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में संजय कुमार, प्रवेश ठाकुर, नीलमणी प्रजापति एवं पप्पू कुमार ने सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं ग्रामीण समुदाय की ओर से करमी हस्सा, कुंजी हस्सा, जम्बी देवी, मादे देवी, एतवा मुंडा एवं बंधु मुंडा सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ग्रामीणों ने अपने गांव को हरित, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। बेहरा गांव में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता का सशक्त संदेश बनकर उभरा।