बैरिया खाद्य निगम गोदाम में 5.23 करोड़ के खाद्यान्न घोटाले का दावा, जेकेएम ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की
बैरिया खाद्य निगम के गोदाम में 5,23,80,988₹ के खाद्यान्न घोटाले की जेकेएम की बात सही निकली, बाकी गोदामों में गबन की जांच जरूरी व: शत्रुघ्न कुमार शत्रु
झारखण्ड क्रांति मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने मेदिनीनगर में प्रेस बयान जारी कर कहा है कि बैरिया खाद्य निगम के सहायक प्रबंधक नकुल कुमार मेहता एवं पूर्व जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रीति किस्कू की सांठगांठ से बैरिया स्थित राज्य खाद्य निगम के गोदाम से 5 करोड़ 23 लाख 80 हजार 988 रूपए मूल्य के 11544.94.700 क्विंटल चावल व 1550.30 क्विंटल गेहूं यानी कुल 13095.24.700 क्विंटल राशन गबन की मेदिनीनगर के खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा जांच में पुष्टि करने पर खाद्य सुरक्षा कानून के भीषण उल्लंघन करने पर नकुल कुमार मेहता समेत दोषियों पर गबन की खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई कराने की मांग उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत जी से किया है।
बयान में उन्होंने कहा है कि यह तो सिर्फ बैरिया स्थित राज्य खाद्य निगम का मामला जांच में सामने आया है, जबकि इससे भी बड़े खाद्यान्न घोटाले को पड़वा,चैनपुर, छत्तरपुर, हुसैनाबाद, विश्रामपुर आदि खाद्य निगम के गोदामों में अबतक की सबसे भ्रष्ट डीएसओ रह चुकी प्रीति किस्कू के कार्यकाल में हजारों क्विंटल राशन महाघोटाले को अंजाम दिया जा चुका है,जिसकी निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम का गठन उपायुक्त पलामू को करनी चाहिए।
ज्ञातव्य है कि इस मामले को झारखंड क्रांति मंच ने प्रारंभ से उठाकर राज्य सरकार व जिला प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग किया था।
बयान में जेकेएम अध्यक्ष ने कहा है कि पलामू में भ्रष्ट सांसद श्री बी०डी०राम की अध्यक्षता में उनके रिश्तेदार मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर व अन्य विधायकों व पदाधिकारियों की उपस्थिति में “दिशा” की दिशाहीन बैठकों में पलामू की जनता के निवालों पर डाका डालनेवाले डकैतों पर तथ्यात्मक चर्चा नहीं होती,ठीक यही स्थिति त्रिस्तरीय पंचायतो की बैठकों में होती है?जिले में एफ०आई० एफ०ओ० का पालन नहीं,पुराने स्टाॅक को सड़ाकर नये स्टाॅक की कालाबाजारी जैसी धांधली जमकर बरती गई है,जिसे जनप्रतिनिधियों व नौकरशाही ने हमेशा अनदेखा किया है।
अंत में उन्होंने कहा है कि अगर पलामू जिला प्रशासन ने पलामू की जनता के पेट पर लात मारनेवाले राशन घोटालेबाजों के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर कड़ी कार्रवाई नहीं किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

