अगर भलुही के दलित रामनाथ की हत्या हुई तो इसकी जिम्मेदार पलामू एसपी होंगी:झारखण्ड क्रांति मंच
झारखण्ड क्रांति मंच के संस्थापक सह केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने आज मेदिनीनगर में प्रेष बयान जारी कर कहा है कि अगर झगरुवा भलुही के दलित रामनाथ राम व उनके परिवार की हत्या जमीन पर कब्जे की नियत से अलखनाथ तिवारी व मनु पाण्डेय आदि नामजद अभियुक्तों के द्वारा की गई तो इसकी पूरी जिम्मेदार पलामू की एसपी श्रीमती रिष्मा रमेशन जी होंगी।
जारी बयान में उन्होंने कहा है कि गढ़वा के कांडी में सुनिल पासवान हत्याकांड की तरह भलुही के रामनाथ को परिजनों समेत जमीन छोड़ने अथवा जान से मारने की धमकी दी जा रही है,जो निंदनीय व चिंतनीय है।
बयान में जेकेएम अध्यक्ष ने बताया है कि झगरुवा भलुही के रामनाथ राम के पूर्वजों के नाम विश्रामपुर के राजा ने खाता सं०-1,प्लाॅट सं०-21,रकबा-4.65 एकड़ जमीन का पट्टा पुस्तैनी कार्यों के बदले 1938-39 में दिया था,जिस पर रामनाथ राम व अन्य परिजनों का पीएम आवास समेत घर पहले से मौजूद हैं,साथ ही उसी समय से उनके पूर्वजों द्वारा उस जमीन पर दखल-कब्जा व खेती -बाड़ी किया जा रहा है,लेकिन उस जमीन को हड़पने की नियत से अलखनाथ तिवारी आदि ने पिछले अब तक अधूरे भूमि सर्वे में अपने नाम चढ़वाकर तमाम दलित परिवारों को धौंस-धमकी देना जारी रखा था,इसी कड़ी में पिछले 19 जुलाई 2025 को अलखनाथ तिवारी,मनु पाण्डेय समेत लगभग 9 नामजद लोगों ने उक्त जमीन पर स्थित घर पर पहूंच कर रामनाथ राम की पत्नी अनिता देवी के साथ चमार-चमईन जैसे गाली-गलौज करते हुये मारपीट कर जमीन छोड़कर भागने या जान से हाथ धोने की धमकी दिया।
गौरतलब है कि इसी बीच हो हल्ला सुनकर वहां पहूंचे रामनाथ राम के वृद्ध पिता सुनेश्वर राम का हाथ मरोड़कर सभी नामजद अभियुक्तों ने बुरी तरह पीटाई किया।
ज्ञातव्य है कि इस मामले को लेकर रामनाथ राम की पत्नी अनिता देवी के आवेदन पर रेहला थाने में एससी/एसटी एक्ट के प्राथमिकी सं०70/2025 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है,लेकिन अफसोस की बात है कि पुलिस की निष्क्रियता की वजह से अभियुक्त कूला घुम रहे हैं।
बयान में जेकेएम अध्यक्ष ने कहा है कि पूरे देश में जमीन सम्बन्धी मामलों के निष्पादन के लिए कई स्तर के न्यायालय बने हुये हैं,लेकिन मनुवादी व सामंती मानसिकता के लोग गुंडागर्दी व अपराध के बल पर कमजोर वर्गों की जमीनों को हड़पने के लिए उनकी हत्या पर उतारु हैं,जो अबुआ राज के लिए चुनौती है।
बयान के अंत में उन्होंने कहा है कि शांतिप्रिय व कमजोर वर्गों के लोग संविधान व कानून में भरोसा रखते हैं,अगर क्रिया के बदले विपरीत प्रतिक्रिया का रास्ता गरीबों ने अख्तियार कर लिया तो उन्हें नक्सली करार दिया जाएगा,इस पर शासन व प्रशासन को विचार करना चाहिए।
हम पलामू के आरक्षी अधीक्षक महोदया,पलामू परिक्षेत्र के आरक्षी महानिरीक्षक व उप महानिरीक्षक डीजीपी व मुख्यमंत्री से इस मामले का शीघ्र संज्ञान लेकर सभी नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग करते हैं।
प्रेस बयान के समय रामनाथ राम,उनकी पत्नी अनिता देवी,पिता-सुनेश्व र राम व उच्च झगरुवा के समाजसेवी विरेन्द्र बौद्ध उपस्थित थे।

