सड़क हादसे में पारा शिक्षक दिलीप सिंह की मौत, शिक्षा जगत में शोक की लहर

सड़क दुर्घटना में पारा शिक्षक दिलीप सिंह की मौत, शिक्षा जगत में शोक की लहर

नव प्राथमिक विद्यालय अलंकेरा के शिक्षक के निधन से शिक्षकों और ग्रामीणों में शोक, शिक्षा जगत ने जताया गहरा दुःख

पालकोट (गुमला)। नव प्राथमिक विद्यालय अलंकेरा में कार्यरत पारा शिक्षक दिलीप सिंह की सड़क दुर्घटना मे पालकोट अम्बेरा डीह के समीप आज लगभग दो बजे दिन मे एक पेड़ मे स्वयं गाड़ी मे टकराने से काफ़ी रक्तश्राव होने से मौक़े मे हुई मौत और जैसे ही पता चाला इस खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। जैसे ही पालकोट पुलिस को दुर्घटना की जानकारी मिली घटना स्थल पर पहुंच कर शव को अपने कब्जे मे लेते हुए गुमला सदर शव परिक्षण के लिए भेज दिया गया उनके उधर दिलीप सिंह को देखने के लिए शिक्षको, रिस्तेदारो और समाज सेवियों की भीड़ हो गयी इस तरह से शिक्षक दिलीप सिंह के असामयिक निधन से शिक्षा जगत में गहरा दुःख व्याप्त है। शिक्षक के निधन की खबर से उनके सहकर्मियों, परिचितों और ग्रामीणों के बीच शोक का माहौल है।

दिलीप सिंह नव प्राथमिक विद्यालय अलंकेरा में पारा शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। शिक्षक का कार्य केवल बच्चों को किताबी ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि उनके भविष्य को संवारना और उन्हें बेहतर नागरिक बनने की राह दिखाना भी होता है। ऐसे में एक शिक्षक का असमय दुनिया से चले जाना समाज और शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। दिलीप सिंह अपने पीछे तीन बेटे तीन बहु और पत्नी को छोड़ गए |

उनके निधन से विद्यालय परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। सहकर्मियों और क्षेत्र के लोगों के लिए इस दुखद समाचार पर विश्वास करना कठिन हो रहा है। एक ओर जहां परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति है, वहीं दूसरी ओर विद्यालय और शिक्षा जगत ने भी अपने एक साथी को खो दिया है।

सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही मौतें एक गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसी घटनाएं कई परिवारों की खुशियां छीन लेती हैं और अपनों को जीवनभर का दर्द दे जाती हैं। दिलीप सिंह के असामयिक निधन ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के प्रति सतर्कता बरतने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

दिलीप सिंह के निधन पर क्षेत्र के लोगों ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

शिक्षा जगत ने खोया अपना एक साथी जो अपूरणीय छति है |