गुमला में खाद्य विभाग का बड़ा एक्शन, 6 किलो रंगीन छोले नष्ट; दुकानदारों को नोटिस
गुमला में खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन: पालकोट, कोनबीर और बसिया में होटलों-दुकानों की सघन जांच
मिठाइयों में हानिकारक रसायन और अखाद्य रंग के इस्तेमाल पर सख्ती, औद्योगिक रंग मिलने पर करीब 6 किलो छोले नष्ट कराए गए; कई प्रतिष्ठानों को 14 दिनों में मानक सुधारने का नोटिस
गुमला। आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और बाजार में शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने पालकोट, कोनबीर और बसिया में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान होटलों, मिठाई दुकानों, किराना प्रतिष्ठानों और ठेला-खोमचों का औचक निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की गई। जांच के क्रम में अखाद्य औद्योगिक रंग पाए जाने पर करीब छह किलो छोले तत्काल नष्ट कराए गए। वहीं, कई प्रतिष्ठानों में स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन में सुधार के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किए गए।
उपायुक्त दिलेश्वर महतो के निर्देश तथा अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह अभिहित अधिकारी डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी, कुमार प्रभाकर और आशा राज ने किया। अचानक हुई जांच से संबंधित बाजारों के होटल एवं खाद्य कारोबारियों में हलचल देखी गई।
मिठाइयों में हानिकारक रसायन और औद्योगिक रंग के इस्तेमाल पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने होटल एवं मिष्ठान प्रतिष्ठानों के संचालकों को छेना की मिठाइयां तैयार करने में मैदा, हाइड्रो जैसे हानिकारक रसायनों तथा अखाद्य औद्योगिक रंगों का इस्तेमाल नहीं करने की सख्त हिदायत दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रसायनों और अखाद्य रंगों का इस्तेमाल लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। ऐसे मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बिस्किट, लड्डू, खोवा बर्फी और रस्क के नमूने लिए गए
जांच अभियान के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की पड़ताल के लिए विभिन्न प्रतिष्ठानों से नमूने संग्रह किए गए। मेसर्स विद्यार्थी मल्टी स्टोर से बिस्किट, मेसर्स श्याम होटल से बेसन के लड्डू एवं खोवा बर्फी तथा मेसर्स अपना होटल से रस्क का नमूना लिया गया। इन नमूनों के माध्यम से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।
वहीं, मेसर्स महतो ढाबा, मेसर्स विद्यार्थी मल्टी स्टोर, मेसर्स अमित स्टोर सहित अन्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया गया। संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश देते हुए नोटिस जारी किए गए। उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था में सुधार के लिए 14 दिनों का समय दिया गया।
ठेला-खोमचों की भी हुई जांच, छह किलो छोले नष्ट
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ठेला-खोमचों पर बिकने वाले छोले, चाट, पकौड़े सहित अन्य खाद्य पदार्थों की भी जांच की। इस दौरान अखाद्य औद्योगिक रंग पाए जाने पर करीब छह किलो छोले तत्काल नष्ट कराए गए। इस कार्रवाई के माध्यम से खाद्य पदार्थों में हानिकारक रंगों के इस्तेमाल के प्रति सख्ती का संदेश दिया गया।
अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य सामग्री का उचित तापमान पर भंडारण करने तथा प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने का निर्देश दिया। साथ ही, खाद्य पदार्थ तैयार करने और परोसने वाले कर्मचारियों के लिए एप्रन, दस्ताने और सिर ढकने वाले सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा।
नियमों की अनदेखी पर होगी कानूनी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले खाद्य कारोबारियों को बख्शा नहीं जाएगा। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने यह भी संकेत दिया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसका उद्देश्य बाजार में मिलावट पर अंकुश लगाने के साथ उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।


