गिरिडीह व्यवहार न्यायालय में POSH कानून पर सेमिनार, लैंगिक संवेदनशीलता को लेकर किया गया जागरूक
पॉश (POSH) कानून एवं कार्यस्थल पर लैंगिक संवेदनशीलता और चुनौतियों से निपटने की रणनीति के विषय पर कार्यक्रम संपन्न ।
माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार एवं माननीय झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वाधान में व्यवहार न्यायालय गिरिडीह के परिसर में 29 सितंबर 2026 को पॉश (POSH) कानून एवं लैंगिक संवेदनशीलता और चुनौतियों से निपटने की रणनीति के विषय पर सेमिनार सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह श्री मार्तंड प्रताप मिश्रा, प्रधान जिला कुटुंब न्यायालय श्री संतोष कुमार, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रथम – श्री कंवलजीत चोपड़ा, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अष्टम – श्री रवि शंकर मिश्रा, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश षष्टम सुश्री प्रीति कुमारी, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री प्रकाश सहाय एवं सचिव श्री चुन्नूकांत ने संयुक्त रूप से किया । कार्यक्रम को सुश्री विभा दत्ता मखीजा, वरीय अधिवक्ता, माननीय उच्चतम न्यायालय ने ऑनलाइन संबोधित किया, उन्होंने ने उपस्थित प्रतिभागियों से उक्त कानून के विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की ।
माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय के विषय निर्देश से उक्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए उन्होंने ने बताया कि इस कानून को अधिक प्रभावशाली ढंग से उपयोग में लाने के लिए सभी के साझा प्रयास की आवश्यकता है ।
वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्री सफदर अली नैयर और मंच पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने उक्त विषय पर अपने विचार साझा किए । कार्यक्रम का संचालन न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी – श्रीमती स्मृति त्रिपाठी ने किया ।
कार्यक्रम में गिरिडीह न्यायमंडल के न्यायिक पदाधिकारीगण, जिला अधिवक्ता संघ के अधिवक्ता गण व्यवहार न्यायालय के कर्मचारी गण और पारा लीगल वॉलिंटियर्स शामिल रहे ।

