गिरिडीह में 6714 कंठों ने एक स्वर में गाया वंदे मातरम्, 150 वर्ष पूर्ण होने पर भव्य आयोजन
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बरगंडा में भव्य सामूहिक गायन,संस्कार केंद्र समेत 10 विद्यालयों के 6714 कंठों ने एक स्वर में गाया संपूर्ण वंदे मातरम्
गिरिडीह। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित नमामि भारतम् – वंदे मातरम् सामूहिक गायन के अंतर्गत 25/09/26(शुक्रवार) को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर भव्य राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
इस अवसर पर ठीक प्रातः 11 बजे सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बरगंडा के साथ-साथ शहर के अन्य प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में एक साथ, एक स्वर, एक लय में संपूर्ण वंदे मातरम् का गायन किया गया। इसमें आर.एस.डी. पब्लिक स्कूल, एल.एन.पी. स्कूल, गुरुकुलम, किरण पब्लिक स्कूल, गुरुनानक पब्लिक स्कूल, जे.पी.पी. इंटरनेशनल स्कूल, सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल, के.डी. इंटरनेशनल स्कूल, जी.डी. बगेड़िया बी.एड. कॉलेज, के.एन. बख्शी बी.एड. कॉलेज सहित कई संस्थानों के लगभग 6714 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व अभिभावकों ने सहभागिता की। गायन के पश्चात सभी ने राष्ट्रभाव जागरण का संकल्प लिया।
विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति की सचिव माननीया डॉ. शालिनी खोवाला जी ने कहा कि वंदे मातरम् केवल गायन मात्र नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण, उत्थान, सम्मान व भारत माता के प्रति श्रद्धा भाव को जागृत करने की अभिव्यक्ति है।यह एक मंत्र है, यह एक संकल्प है – राष्ट्र निर्माण का, राष्ट्र के उत्थान का, राष्ट्र के सम्मान का और भारत माता के प्रति हमारी अटूट श्रद्धा को जागृत करने का।
150 वर्ष पूर्व ऋषि बंकिम चंद्र चटर्जी ने जो बीज बोया था, आज वह वटवृक्ष बनकर पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में बांध रहा है। आज संपूर्ण राष्ट्र में एक साथ, एक लय में इसका गायन होना हम सभी के लिए गौरव की बात है।
मेरा सभी से आह्वान है कि हम धर्म, जाति, भाषा के भेद से ऊपर उठकर सोचें। हम सब एक हैं, भारत माता की संतान हैं। इसी एकता के भाव से आगे बढ़ें और देश के चहुंमुखी विकास में अपना सहयोग सुनिश्चित करें। कार्यक्रम संयोजक नलिन आचार्य जी ने कहा, वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, यह राष्ट्र की चेतना का गान है। इस मंत्र को गाने के लिए संघ को और राष्ट्रभक्तों को सदैव संघर्ष करना पड़ा है। आज उसी वंदे मातरम् को जिसके 150 वर्ष पूर्ण हुए हैं, हम संपूर्ण राष्ट्र में एक साथ, एक समय, एक स्वर में गा रहे हैं, यह अपने आप में गौरव की बात है। यह विद्या भारती के अथक प्रयास का ही परिणाम है कि वंदे मातरम् पुनः अपने वास्तविक गौरव को प्राप्त कर रहा है।
जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती मुनिया देवी ने कहा कि यह हमारे देशभक्ति भाव को जागृत करता है। यह राष्ट्र का गौरव गीत है।
नगर निगम महापौर श्रीमती प्रमिला मेहरा ने कहा कि विद्या भारती विद्यालयों में शिक्षा के साथ संस्कार और देशभक्ति जगाने का कार्य अन्यत्र देखने को नहीं मिलता।
प्रारंभ में प्रधानाचार्य श्री आनंद कमल जी ने अतिथि परिचय एवं अभिनंदन किया। अंत में उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मौसम प्रतिकूल होने के बावजूद सभी ने विद्यालय में उपस्थित होकर मुक्त कंठ से राष्ट्रगीत गाया। यह कार्य राष्ट्र में नई चेतना का संचार करेगा।यह हम सबके लिए राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
विद्या भारती द्वारा आयोजित यह पुनीत कार्य निश्चित रूप से राष्ट्र में नई चेतना और राष्ट्रभाव का संचार करेगा। हमारा विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार और राष्ट्रभक्ति का संस्कार देने वाला तीर्थ है। मंच संचालक के रूप में आचार्य अजित मिश्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

