गिरिडीह में अवैध खनन पर प्रशासन सख्त, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
गिरिडीह में अवैध खनन पर प्रशासन सख्त, पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
गिरिडीह। जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला खनन टास्क फोर्स और जिला पर्यावरण समिति की समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाने, चेक पोस्ट और पिकेट पर खनिज लदे वाहनों की सघन जांच करने तथा बिना वैध चालान, ओवरलोडिंग या अवैध परिवहन करते पकड़े जाने वाले वाहनों पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
इसके साथ ही खनन विभाग, पुलिस और वन विभाग को संयुक्त रूप से नियमित जांच और छापेमारी अभियान चलाने को कहा गया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ पर्यावरण और स्थानीय जनजीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
वहीं जिला पर्यावरण समिति की बैठक में वायु और जल प्रदूषण, औद्योगिक प्रतिष्ठानों के पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन और अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्टोन माइंस, स्टोन क्रशर, औद्योगिक क्षेत्रों और अवैध डंपिंग स्थलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। औद्योगिक इकाइयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, ETP और STP के प्रभावी संचालन तथा औद्योगिक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। दूषित जल को उपचारित किए बिना नदी या अन्य जलस्रोतों में प्रवाहित करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा अस्पतालों, नर्सिंग होम, होटल और अन्य संस्थानों में पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की जांच करने तथा नर्सिंग होम और स्वास्थ्य संस्थानों के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का आवश्यक Consent to Operate यानी CTO है या नहीं, इसकी भी जांच करने को कहा गया है।
उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि विकास और औद्योगिक गतिविधियों के साथ पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान या व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

