NPU के लेट सेशन पर अवधेश यादव का बयान, बोले- छात्रों का एक वर्ष बर्बाद होने का खतरा
NPU लेट सेशन को लेकर —छात्रों का एक वर्ष बर्बाद _अवधेश यादव
नौडीहा बाजार/पप्पू यादव
छतरपुर_गुलाबचंद्र प्रसाद अग्रवाल डिग्री कॉलेज, छतरपुर में लंबे समय से चल रहे लेट सेशन, लंबित परीक्षाओं एवं परीक्षा परिणाम में देरी को लेकर छात्रों की चिंता अब गंभीर रूप ले रही है।
इस मुद्दे पर ओमेगा स्टडी प्वाइंट के डायरेक्टर अवधेश यादव ने छात्रों के हित में अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य समय पर शिक्षा, परीक्षा और परिणाम सुनिश्चित करना है। यदि परीक्षा समय पर नहीं होगी और परिणाम में अनावश्यक देरी होगी, तो इसका सीधा प्रभाव विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्ति, रोजगार और करियर पर पड़ सकता है।
अवधेश यादव ने कहा कि 2022-26, 2023-27, 2024-28 एवं 2025-29 सत्र के विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए लंबित परीक्षाओं की निश्चित तिथि एवं पूरा परीक्षा कार्यक्रम शीघ्र जारी किया जाना चाहिए। विशेष रूप से 4th एवं 5th Semester की परीक्षा को लेकर स्पष्ट आधिकारिक समय-सारणी छात्रों के सामने रखी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल तारीख घोषित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आगे से प्रत्येक Semester के लिए Academic Calendar पहले से निर्धारित और प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई और भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सही योजना बनाने में परेशानी न हो।
उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि छात्रों को लिखित रूप में स्पष्ट समय-सीमा दी जाए कि लंबित परीक्षाएँ कब तक पूरी होंगी और परिणाम कब तक जारी किए जाएंगे। साथ ही Degree एवं Marksheet भी समय पर उपलब्ध कराई जाए।
अवधेश यादव ने छात्रों से भी अपील की कि वे अपनी जायज मांगों को शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं लोकतांत्रिक तरीके से रखें। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध नहीं, बल्कि छात्रों के समय, शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है !
उन्होंने कहा कि छात्रों का समय वापस नहीं आता। इसलिए व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि परीक्षा समय पर हो, परिणाम समय पर आए और किसी विद्यार्थी का एकेडमिक ईयर केवल प्रशासनिक देरी के कारण बर्बाद न हो ।
उन्होंने उम्मीद जताई कि कॉलेज एवं विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक एवं ठोस निर्णय करेगा।


