SIR-2026 में लापरवाही पर गढ़वा प्रशासन सख्त, 24 घंटे में मांगा जवाब

मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) में लापरवाही पर प्रशासन सख्त, पर्यवेक्षक से 24 घंटे में मांगा स्पष्टीकरण

गढ़वा। मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के कार्यों में लापरवाही एवं उच्चाधिकारियों के निर्देशों की लगातार अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी 80- गढ़वा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-सह-अनुमंडल पदाधिकारी,गढ़वा कुमार मयंक भूषण ने कड़ा रुख अपनाया है।

सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी, रंका के कार्यालय द्वारा जारी पत्रों के अनुसार, मतदान केंद्र संख्या 401 से 410 के पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) दिवाकर कुमार पाठक (कनीय अभियंता, मनरेगा) को विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के दौरान सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन में रुचि नहीं लेने तथा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्यशैली में अपेक्षित सुधार नहीं करने का दोषी पाया गया।

प्रशासन द्वारा पूर्व में भी कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था, किंतु उपलब्ध कराए गए जवाब को संतोषजनक नहीं माना गया। पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि संबंधित अधिकारी की लापरवाही के कारण SIR-2026 जैसे महत्वपूर्ण एवं समयबद्ध कार्य प्रभावित हुए हैं, जिससे निर्वाचन संबंधी कार्यों की प्रगति पर प्रतिकूल असर पड़ा है।

निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी 80- गढ़वा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-सह-अनुमंडल पदाधिकारी,गढ़वा ने इसे न केवल सरकारी दायित्वों के प्रति उदासीनता, बल्कि उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना भी माना है। इसी क्रम में संबंधित सुपरवाइजर को निर्देश दिया गया है कि वे 24 घंटे के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सेवा समाप्ति की अनुशंसा किए जाने के साथ-साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

निर्वाचन प्रशासन ने दोहराया है कि मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील अभियान है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा आदेशों की अवहेलना को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।