पीरटांड़ में ABVP की बैठक, शिक्षा और संस्कृति संरक्षण पर दिया जोर
गिरिडीह। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) पीरटांड़ प्रखंड इकाई की ओर से आज हरिजन टोला चिरकी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ABVP के प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने प्रखंड के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं प्राकृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।
इस दौरान मंटू मुर्मू ने कहा कि पीरटांड़ प्रखंड सदियों से आदिवासी समाज के सर्वोच्च देवता मरांग बुरू और उनकी संस्कृति का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि इसी क्षेत्र में जैन समुदाय के लिए विश्व का एक पवित्र तीर्थ स्थल सम्मेद शिखरजी स्थित है और यह क्षेत्र ब्रिटिश शासन के दौरान हुए विद्रोहों का भी साक्षी रहा है। मंटू मुर्मू ने स्थानीय विरासत और संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया।
प्रांत SFS के सह संयोजक अनीश राय ने कहा कि ABVP का उद्देश्य सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों जैसे पीरटांड़ में शिक्षा से जोड़ना है और वहां के युवाओं को शिक्षात्मक एवं सामाजिक गतिविधियों से जोड़ा जाए। जिला संयोजक नीरज चौधरी ने जानकारी दी कि ABVP की स्थापना 9 जुलाई 1949 को हुई थी और इस वर्ष स्थापना दिवस के अवसर पर पूरा गिरिडीह जिला विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। पीरटांड़ प्रखंड में दौड़ प्रतियोगिता एवं वॉलीबॉल प्रतियोगिता आयोजित करने का ऐलान भी किया गया।
बैठक के सफल आयोजन में स्थानीय कार्यकर्ताओं का सक्रिय योगदान रहा। साहिल तुरी, आफरीन परवीन, अंतरा कुमारी, सुरभि कुमारी, दीपक मरांडी, सूरज सोरेन, रोहित कुमार, रोहित राय, विनय कुमार, बादल कुमार, शुभम कुमार, मिलन कुमार, रंजीत कुमार और शिवा कुमार समेत अन्य कार्यकर्ताओं की भूमिका की प्रशंसा की गई।
प्रखंड स्तर पर आयोजित इस बैठक से स्थानीय युवाओं में आयोजनात्मक गतिविधियों और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति उत्साह बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। आयोजन से जुड़ी आगे की तैयारियों और प्रतियोगिताओं की तिथियों की सूचना बाद में दी जाएगी।

