राजस्व संग्रहण को लेकर उपायुक्त सख्त, लक्ष्य आधारित कार्य योजना बनाकर प्रदर्शन सुधारने के निर्देश

राजस्व संग्रहण को लेकर उपायुक्त सख्त, लक्ष्य आधारित कार्य योजना बनाकर प्रदर्शन सुधारने के निर्देश

ऑनलाइन म्यूटेशन, भूमि सीमांकन, प्रमाण पत्र निर्गमन और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर

गुमला। जिले में राजस्व संग्रहण को अधिक प्रभावी और लक्ष्य आधारित बनाने के उद्देश्य से सोमवार को उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिवहन, खनन, निबंधन, नगर परिषद, विद्युत एवं मत्स्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के राजस्व संग्रहण की विस्तृत समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण सुनिश्चित किया जाए तथा नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही सुव्यवस्थित कार्य योजना बनाकर कार्य किया जाए, ताकि राजस्व में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

विभागवार राजस्व प्रदर्शन की हुई समीक्षा

बैठक के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न विभागों की राजस्व संग्रहण प्रणाली की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग को अपने लक्ष्य की पूर्ति के लिए ठोस रणनीति और प्रभावी कार्य योजना तैयार करनी होगी, जिससे कार्य में गति और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित हो सकें।

ऑनलाइन सेवाओं और भूमि मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर

बैठक में ऑनलाइन म्यूटेशन, ऑनलाइन रेंट कलेक्शन, भूमि सीमांकन, परिशोधन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतें, राजस्व न्यायालय से संबंधित वाद, उत्तराधिकार एवं बंटवारा म्यूटेशन मामलों की समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी ऑनलाइन म्यूटेशन मामलों का निष्पादन अधिकतम 30 दिनों के भीतर नियमानुसार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अधिक लंबित मामलों वाले अंचलों में विशेष अभियान चलाकर पेंडेंसी को समाप्त करने का निर्देश दिया गया।

राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश

बैठक में राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके साथ ही ऑनलाइन रेंट कलेक्शन और विभिन्न प्रमाण पत्रों (जाति, आय एवं आवासीय) के निर्गमन से संबंधित लंबित आवेदनों को भी शीघ्र निपटाने पर विशेष जोर दिया गया।

आपदा प्रबंधन में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश

बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि पात्र लाभुकों को समय पर मुआवजा राशि उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को इस प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया ताकि प्रभावित नागरिकों को त्वरित सहायता मिल सके।

जन शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर

उपायुक्त ने अंचल कार्यालयों के सीआई एवं राजस्व कर्मियों के साथ भी समीक्षा बैठक कर निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों पर विशेष ध्यान दिया जाए और सभी मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से उच्च कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में अपर समाहर्ता राजीव नीरज, डीसीएलआर बसिया शेखर कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सदर एवं चैनपुर, डीसीएलआर चैनपुर कंचन सिंह, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला स्थापना उप समाहर्ता, विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सहित राजस्व से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।