​पांकी मजदूर किसान महाविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

​पांकी मजदूर किसान महाविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

​छात्रों और शिक्षकों ने योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का लिया संकल्प

​पांकी
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर स्थानीय मजदूर किसान महाविद्यालय में स्वास्थ्य और जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) एवं झारखंड प्रगतिशील मंच के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं सहित समाज के हर वर्ग में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
​कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के डॉ. बिन्देश्वर सिंह एवं योग गुरु के रूप में ओमकार पाठक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दिलीप कुमार राम ने की।
​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. दिलीप कुमार राम ने योग के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा की
योग मात्र शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि हमारी भारतीय संस्कृति की वह अमूल्य धरोहर है जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नियमित योगाभ्यास से ही व्यक्ति शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकता है।
​उन्होंने कॉलेज के सभी छात्र-छात्राओं से योग को केवल एक दिन का आयोजन न मानकर, इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में अनिवार्य रूप से शामिल करने का आह्वान किया।
​सामूहिक योगाभ्यास और अनुशासित जीवन का संकल्प
​योग गुरु ओमकार पाठक के कुशल निर्देशन में उपस्थित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न योगासनों और प्राणायामों का अभ्यास किया। इस दौरान पूरे परिसर का माहौल योगमय हो गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने एक सुर में स्वस्थ, व्यसनमुक्त और अनुशासित जीवन जीने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन एनसीसी के एएनओ डॉ. आलोक कुमार पाठक एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. बंशीधर के संयुक्त नेतृत्व में किया गया। आयोजन को सफल और अनुशासित बनाने में एनएसएस, एनसीसी और झारखंड प्रगतिशील मंच के सदस्यों का सराहनीय और महत्वपूर्ण योगदान रहा।