आजसू नेता ने तीन पुलिस अधिकारियों पर मारपीट व दुर्व्यवहार का लगाया आरोप, पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार

गिरिडीह। आजसू पार्टी के कार्यकारी जिला अध्यक्ष व ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के सह–जिलाध्यक्ष सुमित गौरव उर्फ कम्पु यादव ने गिरिडीह नगर थाना में तैनात तीन पुलिस अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार, गाली–गलौज, मारपीट और थाने में दो घंटे तक बिना वजह बैठने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि यह घटना 11 जून की रात हुई है।
शिकायत के अनुसार, सुमित गौरव रात करीब 8:40 बजे गांधी चौक स्थित दुकान पर पूजा सामग्री व मिठाई खरीदने पहुंचे थे। वहां मौजूद आरक्षी उपाधीक्षक नीरज कुमार सिंह ने उनके प्रणाम किया जिस पर आरक्षी उपाधीक्षक द्वारा आपत्ति जताई और गाली–गलौज शुरू कर दी। कंपू यादव ने आरोप लगाते हुए बताया कि गाली गलौज के बाद उन्हें जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर नगर थाना ले जाया और थाना कक्ष में थाना प्रभारी सह निरीक्षक रतन कुमार सिंह तथा अवर निरीक्षक अरविन्द कुमार ने उनके साथ मारपीट व अभद्र शब्दों का प्रयोग किया।
कंपू यादव का कहना है कि उन्हें थाना कक्ष में करीब दो घंटे तक अवैध रूप से रोका गया तथा घटनास्थल और थाना कक्ष की पूरी घटना दुकान और थाना के सीसीटीवी फुटेज में दर्ज है। रात करीब 10 बजे उन्हें छोड़ा गया और छोड़ने से पहले एक कागज पर जबरन हस्ताक्षर करवाए गए जिनमें उल्लेख था कि उन्हें सिर्फ पूछताछ के लिए लाया गया था।
कंपू यादव ने कहा कि वह आजसू पार्टी के कार्यकारी जिला अध्यक्ष होने के साथ समाजसेवी भी हैं और इस घटना से उन्हें मानसिक व शारीरिक पीड़ा हुई है तथा उनके मान–सम्मान को सार्वजनिक तौर पर ठेस पहुंची है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपित तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की प्रति मुख्यमंत्री झारखण्ड, आरक्षी उपमहानिरीक्षक छोटानागपुर प्रमंडल हजारीबाग, जिला उपायुक्त गिरिडीह और आरक्षी अधीक्षक गिरिडीह को भी भेजी गई है।
वहीं इस मामले को लेकर डीएसपी नीरज सिंह ने बताया कि सारे आरोप बेबुनियाद हैं, दरअसल में कंपू यादव गांधी चौक स्थित शराब दुकान के बाहर शराब पीने पिलाने का काम कर रहे थे। जिसके लिए उन्हें थाने में ला कर पूछताछ की गई थी। उनके द्वारा लगाया गया सारा आरोप गलत है। पुलिस विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिर्फ अपना काम कर रही थी।