एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद जारी अवैध बालू उत्खनन व परिवहन, कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

गढ़वा।:–राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा पारित दिशा-निर्देशों के अनुपालन में एवं मानसून के दौरान जलस्तर वृद्धि, भूमि कटाव, अवैध बालू उत्खनन परिवहन और भंडारण के चलते पर्यावरणीय असंतुलन की आशंकाओं को देखते हुए अनुमंडल दंडाधिकारी संजय कुमार ने गढ़वा अनुमंडल क्षेत्र के सभी नदी घाटों, जल निकायों एवं उनके 200 मीटर की परिधि क्षेत्र में धारा 163 बीएनएसएस के अंतर्गत अगले आदेश तक या एनजीटी द्वारा प्रतिबंध तक (जो भी पहले हो) निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

लेकिन बालू माफिया एनजीटी के दिशा निर्देशों और एसडीओ के द्वारा लगाया गया धारा 163 को ठेंगा दिखाकर अवैध रूप से सैकड़ो ट्रैक्टर बालू उत्खनन, भंडारण और परिवहन कर रहे हैं,बालू माफिया के द्वारा कोयल नदी से बेधड़क सैकड़ो ट्रैक्टर बालू रेहला रोड और गढ़वा बाईपास होते विभिन्न जगहों पर ऊंचे दामों पर भेजा जा रहा है, मालूम हो बालू माफियाओ के द्वारा विभिन्न जगहों पर अलग-अलग टोली बनाकर पदाधिकारियों की सूचना देने के लिए गुप्तचर भी रखे जाते हैं जो जो अंचला ओवर ब्रिज बाईपास के नीचे,कल्याणपुर ओवर ब्रिज के नीचे, पिपरा बाईपास, फरठिया मोड़, मझीआओं मोड़, टंडवा पूरन चंद चौक,बेलचंपा, करमडीह सहिजना रोड, हरैया मोड़, तिलदाग मोड़,रंका मोड़,सहित विभिन्न जगहों पर आने जाने वाले के हरेक गतिबिधि पर नजर रखते हैं।
आप वीडियो में देख सकते हैं की रात तो रात है दिन में भी अवैध रूप से बालू धड़ल्ले से परिवहन हो रहा है आखिर इसका जिम्मेवार कौन है आखिर पुलिस प्रशासन, खनन विभाग के नाक के नीचे अवैध बालू का खेल चल रहा है कुछ दिनों पूर्व ही पुलिस मुख्यालय से विभिन्न थाना के लिए पेट्रोलिंग वाहन बोलेरो और मोटरसाइकिल दिया गया है पेट्रोलिंग तो होती है लेकिन बालू माफियाओं पर नकेल क्यों नहीं कसा जा रहा है यह कही संलिप्ता तो नहीं है,
आपको जानकारी होगा ही की कुछ दिनों पूर्व विभिन्न जगहों पर तेज गति से परिवहन कर रहे अवैध बालू लदे ट्रैक्टर से कई लोगों की दुर्घटना होने से मौत हुई है लेकिन केवल उन्हें सांत्वना और सहयोग राशि देकर चुप कर दिया जाता है। अब यह देखना है कि एनजीटी के दिशा निर्देशों को पुलिस प्रशासन कितना पालन कर पाती है या अवैध बालू का खेल यू निरंतर जारी रहेगा।