झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय से महिला गार्ड हटाने को लेकर चल रही है जमकर विवाद
विद्यालय परिसर में जिला परिषद सदस्या, पुर्व दो महिला गार्ड एवं वार्डन में घंटों चला आरोप-प्रत्यारोप का दौर
(गढ़वा):- बरडीहा मुख्यालय स्थित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय में से तीन महिला गार्ड को हटाए जाने पर बरडीहा प्रखंड क्षेत्र के जन प्रतिनिधि एवं विद्यालय के वार्डन में बात विवाद थमने का नाम ले रहा है।
इस संबंध में शनिवार को विद्यालय परिसर में जिला परिषद सदस्या अर्चना प्रकाश,हटाए गए दो महिला गार्ड एवं अभिभावक, ग्रामीण पहुंचे और विद्यालय से संबंधित विभिन्न आरोप प्रत्यारोप चला। जानकारी मिलते ही मीडिया के भी लोग पहुंचे। इसके बाद जिला परिषद सदस्य अर्चना प्रकाश ने बताई की विद्यालय से तीन महिला गार्ड को बिना कारण के ही हटा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाते यह भी कहा कि विद्यालय में कुछ लोगों का आना-जाना दिन एवं रात में लगा रहता था, जिसको लेकर महिला गार्ड आपत्ति जताई उसका नतीजा हुआ कि गरीब महिलाओं को विद्यालय से निकाल दिया गया। यह विद्यालय वार्डन के मनमानी से चल रहा है जो हम सब जनप्रतिनिधियों को बर्दाश्त से बाहर है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ जनप्रतिनिधियों के द्वारा पहले भी आवाज उठाया गया, लेकिन वार्डन के द्वारा उन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसी तरह से कई आरोप -प्रत्यारोप का दौर घंटों तक चलता रहा।
वहीं पूर्व महिला गार्ड सविता देवी एवं बबीता देवी ने कहीं की विद्यालय में 2025 से हम लोग कार्यरत थे, लेकिन बिना कारण के ही बिना बताए हम सबों को हटा दिया गया। उसके साथ-साथ प्रियंका देवी को भी हटाया गया है। सविता एवं बबीता ने बताई की विद्यालय में लेभरी निवासी सोहेल अंसारी सह महिला गार्ड असबाना परवीन के पति एवं गढ़वा से अनिल नामक व्यक्ति आते थे। उसी को लेकर हम लोगों ने विरोध जताया था, और उसका खामियाजा हम गरीबों को नौकरी दे कर भुगतना पड़ रहा है। इसको लेकर हम सब उपायुक्त, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारीयों को आवेदन देकर जांच का मांग किए हैं। हम गरीबों को पुनः बहाल किया जाए जिसको लेकर गुहार लगाई हूं।
वहीं झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय बरडीहा के वार्डन कंचन कुमारी ने बताई की पहले कार्यरत महिला गार्ड सविता देवी, बबीता देवी एवं प्रियंका देवी का विद्यालय के प्रति गतिविधि ठीक-ठाक नहीं दिखा जिसको लेकर हटाने के लिए मैंने अनुशंसा की थी, इसके बाद सभी को हटा दिया गया है। वहीं महिला गार्ड असबाना परवीन अभी मेडिकल छुट्टी पर है। इसके बाद से जिला परिषद सदस्य अर्चना प्रकाश विद्यालय को राजनीतिक अखाड़ा बना दिए हैं। जो विद्यालय के लिए सही नहीं है। यहां तक की जिप सदस्य के द्वारा बैठक में भी कई तरह से बेकार बातों को उठाया गया, और सोशल मीडिया पर भी डाला गया, जो विद्यालय के हित में कतई नहीं है। उन्होंने बताई की बबीता एवं सविता उसके बाद से मेरे ऊपर भी कई तरह के आरोप लगा रही है वह सरासर गलत है। उन्होंने बताई की जिसको लेकर विद्यालय के छात्राओं के अभिभावक भी नाराज हैं और इसको लेकर उपायुक्त को आवेदन देने के लिए भी तैयार हैं।
वहीं इस दौरान विद्यालय के कुछ छात्राओं एवं वर्तमान महिला गार्ड ने बताया कि जिस तरह का आवाज उठाया गया है अभी तक हम सब नहीं देखे हैं ना जानते हैं।
बताते चले की पूर्व महिला गार्ड के द्वारा दिए गए आवेदन एवं वरीय पदाधिकारी के निर्देशानुसार बीडीओ सह सीओ प्रवीण कुमार सिंह के द्वारा गुरुवार को जांच किया है। इस संबंध में उन्होंने कहा कि वरीय पदाधिकारी के निर्देशानुसार जांच किया गया है जिस रिपोर्ट जिला में सोप जाएगा।
वहीं शनिवार को आरोप-प्रत्यारोप के दौरान विनोद राम, चंपा देवी, विष्णु कुमार, अशोक विश्वकर्मा, अजय मेहता, आफताब अंसारी, मुकेश कुमार, गणेश सिंह, प्रदीप प्रसाद, मंसूर अंसारी सहित अन्य अभिभावक एवं ग्रामीण मौजूद थे।

