सड़क किनारे खुले में पशु-पक्षी वध पर होगी सख्त कार्रवाई : एसडीएम

सड़क किनारे खुले में पशु-पक्षी वध पर होगी सख्त कार्रवाई : एसडीएम

नगर निकायों को अभियान चलाकर एक माह में आवश्यक सुधार का दिया निर्देश

गढ़वा। सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने अपने अनुमंडल क्षेत्र में खुले में मांस, मछली एवं मुर्गा बिक्री तथा सड़क किनारे खुले में बकरी मुर्गा आदि के वध पर सख्ती बरतते हुए गढ़वा नगर परिषद तथा मझिआंव नगर पंचायत को स्पष्ट निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा है कि दोनों शहरी निकायों में अभियान चला कर एक सप्ताह के भीतर सड़कों पर खुले में पशु-पक्षियों के वध एवं उनके अवशेषों के यत्र तत्र फेंकने पर पूर्णतः रोक हेतु प्रभावी पहल सुनिश्चित की जाए।

एसडीएम ने हिदायत दी कि यह पब्लिक न्यूसेंस का विषय है इसलिए आगामी एक माह की अवधि में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 (पूर्व में CrPC 133) के तहत कार्यवाही आरंभ की जाएगी।

इसी क्रम में एसडीएम ने नगर परिषद के नगर प्रबंधक, स्वच्छता पर्यवेक्षक एवं राजस्व कर्मियों के साथ मझिआंव मोड़ स्थित करीब आधा दर्जन ऐसी ही दुकानों में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इन सभी दुकानों में खुले में ही सैकड़ो मुर्गियों का वध किया जा रहा था तथा सड़क पर भारी मात्रा में पंख, पंजे एवं खून फैला हुआ था, जिससे आमजन को गंभीर असुविधा हो रही थी।
इस पर एसडीएम ने संबंधित दुकानदारों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि पुनः निरीक्षण के दौरान यदि ऐसी स्थिति पाई जाती है तो उनके विरुद्ध सुसंगत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अंचलाधिकारी, गढ़वा को इन दुकानों के भूमि स्वामित्व से संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि उक्त दुकानें सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण कर बनाई गई हैं, तो भूमि अतिक्रमण वाद चलाकर नगर परिषद के समन्वय से उन्हें हटाने/ध्वस्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके अतिरिक्त दोनों नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि शहर के मुख्य चौराहों, मंदिरों, पूजा स्थलों एवं विद्यालयों आदि के आसपास संचालित इस प्रकार की दुकानों को या तो नियमानुसार व्यवस्थित और विनियमित करायें अथवा बंद कराएं।

एसडीएम ने स्पष्ट किया कि एक माह के भीतर संतोषजनक सुधार नहीं होने की स्थिति में ऐसी दुकानों के संचालकों के साथ-साथ नगर निकायों के संबंधित कर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।