नए साल 2026 पर सैलानियों से गुलजार हो सकता है लोध जलप्रपात, उमड़ने वाली है रिकॉर्ड भीड़

महुआडांड़ नए साल 2026 के स्वागत को लेकर झारखंड का सबसे ऊंचा जलप्रपात लोध जलप्रपात सैलानियों की पहली पसंद बनता नजर आ रहा है। लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड में स्थित यह प्रसिद्ध जलप्रपात पिकनिक और प्राकृतिक पर्यटन के लिए तेजी से हॉटस्पॉट के रूप में उभर रहा है।करीब 143 मीटर ऊंचा यह जलप्रपात न केवल झारखंड में सबसे ऊंचा है, बल्कि देश में भी छठे स्थान पर आता है। लगभग 63 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला यह इलाका अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है।नए साल के जश्न को लेकर 31 दिसंबर और 1 जनवरी को यहां भारी भीड़ उमड़ने की आशंका जताई जा रही है। आसपास के जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है।बूढ़ा नदी पर स्थित होने के कारण लोध जलप्रपात को स्थानीय लोग बूढ़ा घाघ के नाम से भी जानते हैं। चारों ओर फैले साल (सखुआ) के घने जंगल और उनके बीच से गिरता कल-कल करता पानी सैलानियों को प्रकृति के बेहद करीब ले जाता है।मानसून के बाद सर्दियों के मौसम में जलप्रपात की खूबसूरती और भी निखर जाती है। पहाड़ की ऊंची चट्टानों से पूरे वेग के साथ गिरता पानी जब नीचे पहुंचता है, तो उसका भव्य और रोमांचक दृश्य हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है। यही कारण है कि नए साल के मौके पर यहां पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है वही इस संबंध में दुमका निवासी कंचन कुमारी ने कहा नए साल 2026 की शुरुआत लोध जलप्रपात जैसे खूबसूरत स्थल पर करना अपने आप में खास है। यहां की हरियाली, शुद्ध हवा और प्राकृतिक नज़ारे मन को सुकून देते हैं।पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले समय में लोध जलप्रपात झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में और मजबूती से अपनी पहचान बनाएगा। वहीं नए साल पर संभावित भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण औरसाफ-सफाई को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं।