भरनो में जंगली हाथियों का आतंक खेतों और घरों को नुकसान, वन–पुलिस टीम लगातार मोर्चे पर

भरनो में जंगली हाथियों का आतंक खेतों और घरों को नुकसान, वन–पुलिस टीम लगातार मोर्चे पर

भरनो (गुमला) – भरनो प्रखंड के मोरगांव और महुवाटोली गांव के बीच स्थित पतरा क्षेत्र में 18 जंगली हाथियों के झुंड के पहुँचने के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। हाथियों की गतिविधियों के मद्देनजर धारा 163 लागू है, लेकिन स्थानीय लोग सुरक्षा निर्देशों को नहीं मान रहे और हाथियों के नज़दीक पहुंच रहे हैं।
थाना प्रभारी कंचन प्रजापति पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद हैं, जबकि वन विभाग के प्रभारी वनपाल राकेश कुमार मिश्रा की क्यूआरटी टीम हाथियों को सुरक्षित निकालने की कोशिश में लगी हुई है।
हाथियों ने किया भारी नुकसान
झुंड ने किसान और ग्रामीणों की फसलों और संपत्ति को बुरी तरह नुकसान पहुँचाया है। प्रभावित किसानों में शामिल हैं:
प्रमोद उरांव के खेत में धान की फसल रौंद दी गई।
सुरेश उरांव के खेत में धान, और उनके घर को भी हाथियों ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
बलदेव उरांव के खेत की गेहूं की फसल बर्बाद हुई।
रबी उरांव के खेत में मटर की फसल रौंद दी गई।
सुलेंदर उरांव के खेत का गेहूं और जुबी उरांव के खेत में लगे मडुवा की फसल भी बर्बाद हो गई।
बीते रात हाथियों ने सुपा-महुवाटोली की ओर रुख किया और वहां भी फसल एवं घरों को नुकसान पहुँचाया।
वन विभाग का प्रयास और किसानों की मांग
वन विभाग की टीम अब तक हाथियों को सुरक्षित निकालने में सफल नहीं हो पाई है। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार रात तक झुंड को इस क्षेत्र से हटाने का प्रयास किया जाएगा।
इस बीच प्रभावित किसानों ने वन विभाग से पूरे नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। वन विभाग के कर्मियों ने मौके पर जाकर सभी क्षति का आकलन कर लिया है और बताया है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसानों को मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
सुरक्षा और चेतावनी
प्रशासन ने ग्रामीणों से आग्रह किया है कि वे हाथियों के नजदीक न जाएँ और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। पुलिस और वन विभाग लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।