गढ़वा: सेवानिवृत्त अधिकारी साइबर ठगी का शिकार, 45 हजार रुपये की हेराफेरी
गढ़वा शहर – साईबर ठगी के शिकार हुये सेवानिवृत जिला परियोजना पदाधिकारी, 45 हजार रूपये की हुयी धोखाधड़ी
गढ़वा : गढ़वा के सेवानिवृत्त जिला परियोजना पदाधिकारी रामचंद्र कश्यप साइबर ठगी का शिकार हो गये हैं. उन्हें गढ़वा जिले के सेवानिवृत जिला कल्याण पदाधिकारी रवि मिश्रा के नाम पर फोन कर 45 हजार रूपये की ठगी की गयी है. इस मामले को लेकर श्रीकश्यप ने गढ़वा थाना में मामला दर्ज करने के लिये आवेदन दिया है. घटना 20 नवंबर की बतायी गयी है. श्रीकश्यप ने बताया कि उनके पास एक अज्ञात नंबर (मोबाईल नंबर-9039536396)से कॉल आया था. कॉल करनेवाले ने अपना परिचय नहीं दिया, बल्कि सिर्फ यह कहा कि वे उनके पुराने मित्र हैं, वे स्वयं पहचाने की वे कौन है. श्रीकश्यप ने गेस करते हुये कहा कि कहीं वे उनके मित्र रवि मिश्रा तो नहीं है, तो कॉल करनेवाले ने कहा कि हां वे वही हैं. इसके बाद उसने कहा कि उनके करीबी को अस्पताल में भर्ती किया गया है और तुरंत पैसे भेजने की जरूरत है, लेकिन उनके मोबाईल से नहीं जा पा रहा है, ऐसे में वे (कॉलर) श्रीकश्यप के मोबाईल में रूपये भेज दे रहे हैं, वे उनके दिये गये फोन नंबर (7987175067) पर पैसे भेज दें. इसके बाद श्रीकश्यप के मोबाईल नंबर पर 45 हजार रूपये जमा होने का फर्जी मैसेज आया. इसे सही समझकर श्रीकश्यप ने बिना अपना बैलेंस चेक किये कॉलर के बताये फोननंबर पर 45,000 रुपये ट्रांसफर कर दिये. इसके बाद उस व्यक्ति द्वारा फिर से अतिरिक्त 54 हजार रुपये की मांग की गयी. वे इसे भेजने ही वाले थे कि तभी उनके बेटे और पोते ने चेतावनी दी और असली रवि मिश्रा से संपर्क कर सच्चाई जान लें, उसके बाद ही पैसे भेजें. जब उन्होंने असली रवि मिश्रा के मोबाईल पर फोन कर सच्चाई पता किया, तो उन्होंने इसमें अनभिज्ञता जाहिर की, इसके बाद श्रीकश्यप को अहसास हुआ कि वे धोखाधड़ी के शिकार हो चुके हैं. इस बाद उन्होंने गढ़वार थाना सूचना दी. जबकि बैंक को फोन कर तुरंत पैसे को होल्ड कर लिया गया. इस मामले में पेंशनर कल्याण समाज के अध्यक्ष केके यादव ने सभी पेंशनरों से अपील की है कि वे डिजिटल लेन-देन अकेले में नहीं करें और हमेशा परिवार की मदद लें.रिपोर्ट-पीयूष तिवारी

