स्वच्छता को आदत बनाएं। इसे दैनिक आचरण में अपनाने की आवश्यकता।

गढ़वा:–स्थानीय जीएन कान्वेंट(10+2) स्कूल में स्वच्छ भारत अभियान के आलोक में स्वच्छता पखवाड़ा का सफल आयोजन संपन्न हुआ।कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के निदेशक व शिक्षाविद मदन प्रसाद केशरी एवं उपप्राचार्य बसंत ठाकुर द्वारा एवं भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। अपने संबोधन में निदेशक ने कहा कि स्वच्छता एक सेवा है और ऐसे अभियान पर नई पीढ़ी को साफ सफाई के लिए जागरूक करने की आवश्यकता है। हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है, वह है- स्वच्छता। यह हमारे जीवन की प्राथमिकता भी है। स्वच्छता जरूरी है क्योंकि साफ-सफाई से हम जीवन में आने वाली कई परेशानियों से मुक्ति पा सकते हैं। स्वच्छता का अर्थ है सफाई से रहने की आदत। मेरा मानना है कि स्वच्छ तन, स्वच्छ मन और स्वच्छ चारित्र हमारे जीवन को सर्वत्र व्यापक बनाता है। स्वच्छता से खुशी मिलती है वहीं हम शरीर से भी स्वस्थ रहते हैं। स्वच्छता सभी लोगों को अपनी दिनचर्या में अवश्य ही शामिल करना चाहिए। जीवन में स्वच्छता से तात्पर्य स्वस्थ होने की अवस्था से भी है। स्वच्छता एक अच्छी आदत है जो हमारे जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाती है। यह हमारे जीवन का महत्वपूर्ण व्यावहारिक अंग है। हमारे लिए शरीर की भी स्वच्छता बहुत जरूरी है जैसे स्नान, साफ कपड़े, दांतों की सफाई, नाखून काटना आदि। स्वच्छ विचार भी स्वच्छता का ही भाग है। माता-पिता को अपने बच्चों से इस तरह की आदत को बढ़ावा देना चाहिए। दूसरी ओर स्वच्छता में सबसे ज्यादा बाधक प्लास्टिक का उपयोग है, जो मानव जीवन में लगातार जहर खोल रहा है। मानव सुबह से लेकर शाम तक प्लास्टिक का उपयोग करता है। शुरुआती के दौर में प्लास्टिक वरदान साबित हो रहा था लेकिन वर्तमान में यह प्लास्टिक पर्यावरण,पशु, मानव, पर्यावरण आदि के जीवन के लिए अत्यंत घातक हो रहा है। प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए तथा आसपास के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए पेड़ पौधे लगाना बहुत ही आवश्यक है। गंदगी से कई तरह की बीमारियां पैदा होती हैं जो मानव के विकास में बाधा डालते हैं अतः स्वच्छता को अपने लिए और देश को आगे बढ़ाएं रखने में परमावश्यक है।बेहतर साफ सफाई से ही भारत का भविष्य- गांव को आदर्श बनाया जा सकता है।अतः स्वच्छता के लिए दूसरों को भी प्रेरित करें। इस अवसर पर बच्चों के बीच स्वच्छता शपथ, चित्रकला,स्वच्छता स्लोगन, कचरे के निपटान हेतु डस्टबिन का निर्माण, स्वच्छता पर निबंध एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक वीरेंद्र शाह, कृष्ण कुमार, विकास कुमार, मुकेश भारती, दिनेश कुमार, नीरा शर्मा,सरिता दुबे, नीलम कुमारी,सुनीता कुमारी,शिवानी कुमारी, रागिनी कुमारी,चंदा कुमारी, वर्षा कुमारी, कृष्ण कुमार, ऋषभ सिन्हा, संतोष प्रसाद एवं खुर्शीद आलम आदि की भूमिका सराहनीय रही।

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