डोमचांच नावाडीह में गैरमजरूआ जमीन पर दबंगई से अवैध निर्माण, थाना-अंचल प्रशासन की मिलीभगत पर उठे सवाल
डोमचांच नावाडीह में गैरमजरूआ जमीन पर दबंगई से अवैध निर्माण, थाना-अंचल प्रशासन की मिलीभगत पर उठे सवाल
पुलिस आते ही काम बंद, जाते ही फिर चालू – शिकायतों के बावजूद दबंगों का हौसला बुलंद
डोमचांच। नावाडीह पंचायत में गैरमजरूआ जमीन पर अवैध निर्माण को लेकर विवाद ने जोर पकड़ लिया है। मामला नया नहीं, बल्कि महीनों से लंबित है, पर प्रशासन की सुस्ती ने इसे और बिगाड़ दिया है। शिकायतकर्ता श्रीकांत पांडे और डॉक्टर राजीवकांत पांडे का आरोप है कि जिस जमीन को सरकारी रेकॉर्ड में गैरमजरूआ खास दर्ज किया गया है, उस पर दबंगई के बल पर निजी निर्माण कराया जा रहा है।
पुरानी शिकायत, फिर भी प्रशासन चुप
11 जुलाई 2025 को भी श्रीकांत पांडे ने अंचल अधिकारी को लिखित शिकायत देकर निर्माण रोकने की मांग की थी। उस समय जांच का आश्वासन दिया गया, लेकिन हकीकत में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नतीजा यह हुआ कि उसी जमीन पर एक बार फिर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
आवेदन में लगाए गंभीर आरोप
नावाडीह निवासी श्रीकांत पांडे, जो कोल इंडिया से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, ने अंचल अधिकारी को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि पड़ोसी विनय मेहता (पिता स्व. सुगनी मेहता) और उमेश मेहता (पिता रामदेव मेहता) द्वारा खाता संख्या 165, प्लॉट संख्या 20 और 30 की जमीन पर जबरन घेराव कर मकान निर्माण कराया जा रहा है।
श्रीकांत पांडे के मुताबिक, यह जमीन उनके पूर्वजों के नाम से निर्गत गैरमजरूआ खास है। इस निर्माण से रास्ता तक बंद हो गया है और विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की धमकी दी जा रही है।थाना की खानापूर्ति जांच, फिर भी चालू रहा काम
शिकायत के बाद सोमवार को थाना की गाड़ी मौके पर पहुँची, लेकिन वह महज खानापूर्ति साबित हुई। जब पुलिस आई तो निर्माण कार्य बंद कर दिया गया। गाड़ी जाते ही फिर से काम शुरू हो गया।
दिनभर यही खेल चलता रहा — पुलिस आते ही काम बंद, जाते ही चालू।
इस पर श्रीकांत पांडे ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशासन की लापरवाही और दबंगों की हेकड़ी से समाज में गहरा आक्रोश है।
गैरमजरूआ भूमि का वर्षों से सार्वजनिक उपयोग होता आया है। अब दबंगई के बल पर इसे निजी कब्जे में लेना न केवल गैरकानूनी है बल्कि समाजहित के खिलाफ भी है।

