लोहरदगा में नेपाल और बांग्लादेश के लोगों का बन रहा जन्म प्रमाण पत्र ? पंचायत के मुखिया ने खोली पोल
लोहरदगा : जिले के हिसरी पंचायत से एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें झारखंड के अन्य जिलों — खूंटी, रांची, पाकुड़, सरायकेला, हजारीबाग और दुमका — के लोगों के नाम पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।
यह फर्जीवाड़ा वर्ष 2021-22 के दौरान हुआ, जिसकी शिकायत पंचायत मुखिया रवि उरांव ने की है। मुखिया के अनुसार, करीब 1,000 से अधिक जन्म प्रमाण पत्र हिसरी पंचायत से उन लोगों के नाम पर जारी किए गए, जिनका जन्म न तो यहां हुआ और न ही वे यहां के निवासी हैं।
मुखिया को जब इस फर्जीवाड़े की भनक लगी, तो उन्होंने प्रारंभिक जांच की, जिसमें 15 ऐसे प्रमाण पत्र मिले जो अलग-अलग जिलों के लोगों के नाम पर बने थे। इन लोगों के उपनाम कंडुलना, टुडू, यादव, महतो, हेंब्रम, मरांडी, मांझी, बेदिया आदि बताए जा रहे हैं।
मुखिया ने इस पूरे मामले में पंचायत सचिव विनोद कुमार दुबे पर सीधा आरोप लगाया है कि उन्हीं की आईडी से यह फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए गए। हालांकि सचिव दुबे का दावा है कि ये प्रमाण पत्र उनके कार्यकाल से पहले के हैं और किसी और आईडी से जारी हुए हैं।
मुखिया रवि उरांव ने जब पंचायती राज पदाधिकारी से शिकायत की और कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने लोहरदगा डीसी डॉ. ताराचंद को लिखित आवेदन दिया और जन्म प्रमाण पत्रों की प्रतियां भी सौंपीं। डीसी डॉ. ताराचंद ने कहा, “मामला संज्ञान में है, जांच शुरू कर दी गई है। जो तथ्य सामने आएंगे, उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।”
मुखिया का यह भी कहना है कि आशंका है, नेपाल या अन्य सीमावर्ती इलाकों के लोगों के नाम पर भी प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इस फर्जीवाड़े ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

