5 अक्टूबर से राज्य के सभी आंगनबाड़ी सेविका सहायिका ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का लिया निर्णय
झारखण्ड राज्य आँगनबाड़ी सेविका- सहायिका संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले पांकी में सेविका संघ की हुई बैठक
5 अक्टूबर से राज्य के सभी आंगनबाड़ी सेविका सहायिका ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का लिया निर्णय
पांकी प्रखंड के फॉरेस्ट ऑफिस रोड स्थित पुराने परियोजना कार्यालय में सोमवार की दोपहर पांकी प्रखंड के सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं की बैठक हुई, बैठक की अध्यक्षता आंगनबाड़ी सेविका संघ के प्रखंड अध्यक्ष अमला देवी ने किया, बैठक में उपस्थित आंगनबाड़ी सेविकाओं ने बताया कि झारखण्ड राज्य अंतर्गत आँगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत आँगनबाड़ी सेविका सहायिका द्वारा अपनी जायज मांगों की प्राप्ति के लिए कई बार मिलकर लिखित और मौखिक रूप से माननीय महोदय को मांग पत्र समर्पित किया. महोदय द्वारा आश्वस्त भी किया गया था कि शीघ्र ही मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जायेगा , लेकिन दुःख के साथ कहना पड़ रहा है कि इस पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल का घोर अभाव रहा है. फलत :सेविका सहायिका में आक्रोश व्याप्त है.
सेविका सहायिका के आक्रोश को ध्यान रखते हुए झारखण्ड राज्य के तमाम आँगनबाड़ी कर्मियों के संघों की एक संयुक्त राज्य स्तरीय बैठक दिनांक 15/09/2024 को महासंघ भवन, हिनू रांची में सम्पन्न हुई थी जिसके निर्णय के अनुसार दिनांक 23/09/2924 को मोरहाबादी मैदान से डॉ जाकिर हुसैन पार्क रांची तक रैली की शक्ल में पहुँचकर आक्रोश पूर्ण प्रदर्शन भी किया था,जिसके मंच में सरकार के प्रतिनिधि के रूप में श्रीमान सुदिव्य कुमार सोनू माननीय विधायक गिरिडीह ने भाग लेकर मोर्चा को भरोसा दिलाया था कि दिनांक 27/09/24 की कैबिनेट में हमारी मांगों पर विचार किया जायेगा, मगर कैबिनेट में कोई बात नहीं आई जिससे आक्रोषित मोर्चा के घटक संघ ने गूगल मीट पर आपात बैठक कर दिनांक 05/10/2024 से अनिश्चित कालीन हड़ताल में जाने का निर्णय सामूहिक रूप से लिया गया है.
मोर्चा का निम्नलिखित 8 सूत्रीय प्रमुख मांग है :-
1. विभाग द्वारा जारी सेवा शर्त नियमावली की अधिसूचना संख्या 2238एवं 2239 दिनांक 30/09/2022 में आंशिक संसोधन हेतू पूर्व समर्पित आवेदन पर अविलम्ब विचार हो.
2. सहायक अध्यापक (पारा शिक्षकों )के समान आँगनबाड़ी सेविका सहायिका को मानदेय /वेतनमान के साथ सभी सुविधाओं की स्वीकृति देते हुए वार्षिक मानदेय वृद्धि की जटिलताओं को दूर किया जाये ताकि समय पर वार्षिक मानदेय वृद्धि में कोई परेशानी नहीं हो.
3. मानदेय का भुगतान केन्द्राश एवं राज्यांश मद की राशि एक साथ ससमय हो तथा इसके समय पर भुगतान के लिए चक्रिय कोष की व्यवस्था हो.
4. सेवा निवृति के बाद सेविका को 10 लाख एवं सहायिका को 5लाख एक मुश्त सेवा निवृति का लाभ भुगतान हो तथा अंतिम मानदेय का 50%पेंशन के रूप में भुकतान की स्वीकृति दी जाये.
5. महिला पर्यवेक्षिका के पद पर बहाली में उम्र सीमा और विषय की अनिवार्यता को छांत कर शत प्रतिशत वरीयता एवं कार्यानुभव के आधार पर आँगनबाड़ी सेविका को प्रोन्नति दी जाये .6. माननीय सर्वोच्च न्यायलय के आदेशानुसार सभी समाज कल्याण के संविदा कर्मियों के बीच व्याप्त मानदेय विसंगति को दूर कर आँगनबाड़ी कर्मियों को भी महंगाई एवं यात्रा भत्ता भुकतान की स्वीकृति दी जाये एवं सभी को नियमित कर पूर्ण सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए विद्यालयों के समान विपरीत मौसम में अवकाश की व्यवस्था ।
7. विभागीय कार्य सम्पादन हेतू ब्रांडेड कम्पनी का एंड्राइड मोबाईल टैब रिचार्ज सहित आपूर्ति की जाये.
8.आँगनबाड़ी केंद्रों का पोषाहर की राशि बाजार दर पर उपलब्ध कराई जाये।अथवा पोषाहार विभाग द्वारा आपूर्ति कराई जाए।
उपर्युक्त 8 सूत्रीय मांगों को लेकर सेविका सहायिका 5 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं जिसकी सूचना विभाग एवं झारखंड सरकार को दे दी गई है।
मौके पर बैठक में आंगनबाड़ी सेविका अध्यक्ष अमला देवी कोषाध्यक्ष सीता देवी कुमारी अर्चना उर्मिला देवी आरती देवी धनवंती देवी सरिता देवी विनीता देवी सुमन कुमारी ओम लता देवी रंजू देवी पिंकी देवी लीलावती देवी मनोरमा कुमारी सहित सैकड़ो आंगनबाड़ी सेविका उपस्थित थे।
