झारखंड सीटेट उत्तीर्ण सहायक अध्यापक संघ ने मंत्री को सौंपा ज्ञापन, सीधी नियुक्ति की मांग की

झारखंड सीटेट उत्तीर्ण सहायक अध्यापक संघ ने मंत्री को सौंपा ज्ञापन, सीधी नियुक्ति की मांग की

तेलोडीह मुखिया शब्बीर आलम की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

रांची/गिरिडीह: झारखंड सीटेट (CTET) सहायक अध्यापक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने तेलोडीह (गिरिडीह प्रखंड) के मुखिया शब्बीर आलम की अगुवाई में माननीय उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा नगर विकास विभाग मंत्री (झारखंड सरकार) से मुलाकात की और उन्हें अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से संघ ने झारखंड के विभिन्न विद्यालयों में पिछले 20 वर्षों से कार्यरत और सीटेट उत्तीर्ण सहायक अध्यापकों (पारा शिक्षकों) को आगामी विशेष नियुक्ति प्रक्रिया या समायोजन में शामिल करने की पुरजोर मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का हवाला
सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने अवगत कराया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा सुनील कुमार यादव बनाम झारखंड सरकार के मामले में गत 07 मई 2026 को एक ऐतिहासिक और स्पष्ट न्यायादेश पारित किया गया है। इस आदेश के तहत राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह विशेष विज्ञापन निकालकर केवल एकेडमिक रिकॉर्ड्स (शैक्षणिक दस्तावेजों) के आधार पर मेरिट लिस्ट जारी करे और शिक्षकों की सीधी नियुक्ति प्रक्रिया सुनिश्चित करे।
20 वर्षों से सेवा देने के बावजूद उपेक्षा का आरोप
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री महोदय को बताया कि राज्य के सहायक अध्यापक पिछले दो दशकों से पूरी निष्ठा के साथ शिक्षा का अलख जगा रहे हैं। वे NCTE के सभी आवश्यक गाइडलाइंस और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के तहत नियमित शिक्षक बनने की सारी योग्यताओं व शर्तों को पूरा करते हैं। इसके बावजूद, वर्ष 2016 के बाद से झारखंड सरकार द्वारा राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) का आयोजन नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति में, जिन सहायक अध्यापकों ने भारत सरकार द्वारा आयोजित केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) उत्तीर्ण की है, उन्हें इस नियुक्ति प्रक्रिया का लाभ मिलना बेहद जरूरी है।
सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का मिला आश्वासन
संघ के पदाधिकारियों एवं मुखिया शब्बीर आलम ने माननीय मंत्री से आग्रह किया कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के आलोक में सीटेट उत्तीर्ण सहायक अध्यापकों के भविष्य को देखते हुए सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए और उन्हें अविलंब समायोजन/नियुक्त प्रक्रिया में शामिल करने हेतु सकारात्मक पहल की जाए। मंत्री महोदय ने सौंपे गए मांग पत्र और सुप्रीम कोर्ट की प्रति को ध्यान से देखते हुए प्रतिनिधिमंडल को इस विषय पर उचित और सकारात्मक कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।
इस अवसर पर संघ के प्रदेश स्तर के प्रमुख पदाधिकारी, जिला संयोजक और दर्जनों सहायक अध्यापक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।