भारतीय न्याय संहिता के जरिए देश में पुलिस राज लागू कर विरोधियों को दबाने का षडयंत्र:– शत्रुघ्न कुमार शत्रु
भारतीय न्याय संहिता के जरिए देश में पुलिस राज लागू कर विरोधियों को दबाने का षडयंत्र: शत्रुघ्न कुमार शत्रु
1 जुलाई 2024 (मेदिनीनगर)
झारखण्ड क्रांति मंच के संस्थापक सह केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने आज पटेल नगर स्थित आवास पर प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए आज से देश-भर में भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 को आनन-फानन में लागू करने की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि भारतीय संसद में विपक्ष के सैंकड़ों सांसदों को निलंबित कर बिना पर्याप्त बहश के पारित कराए गए इन कानूनों को लागू कर मोदी सरकार देश को बेलगाम पुलिस राज में तब्दील कर विरोधियों को हमेशा के लिए जमींदोज कर मनु संहिता को नये रुप में थोपना चाहती है,जो निंदनीय है।
प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा है कि भारत में किसी भी न्यायिक सुधार की प्रक्रिया को कानूनी रुप देने से पहले न्यायिक सेवाओं में कमजोर वर्गों की व्यापक भागेदारी सुनिश्चित करनी चाहिए,इस तरह के कानूनों को लागू करने से पहले संसद में गंभीर चर्चा के साथ लाॅ कमिशन की सिफारिशों के अलावा निष्पक्ष न्यायविदों,कानूनविदों के अलावा भारत के संदर्भ में विभिन्न तरह के अपराधों की वैज्ञानिक विवेचना के बाद लोगों से व्यापक सुझाव लेकर ऐसे कानूनों को सही रुप में लागू करना चाहिए था, लेकिन हठधर्मिता व तानाशाही सोच की मोदी सरकार ने ट्रेस,ट्रैक व ट्रैनिंग के मोर्चे पर बिना तैयारी के इस कानून को लागू कर विरोधियों के अंदर भय व अराजकता की स्थिति पैदा कर दी है,जो गंभीर चिंता का विषय है।
वार्ता को सम्बोधित करते हुए झारखण्ड क्रांति मंच के संस्थापक ने कहा है कि वाहन चालकों के संदर्भ में अराजक व असंगत कानून से देश भर में ड्राइवरों के भारी धरना व प्रदर्शन जैसे भारी विरोध के बावजूद भी आत्ममुग्ध मोदी सरकार सुधरने वाली नहीं है।अगर शीघ्र ही मोदी सरकार ने इन कानूनों को वापस लेकर फिर से समीक्षा नहीं की तो एक बार फिर जनता सड़क पर होगी।
