18वर्ष से कम लड़कियों और 21वर्ष से कम लड़को की शादी गैरकानूनी :अनुरंजन कुमार (बाल संरक्षण पदाधिकारी )

लोहरदगा : दिनांक 02.09.2025 को उपायुक्त व उप-विकास आयुक्त के निदेशानुसार तथा सहायक निदेशक,सामाजिक सुरक्षा व जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी मार्गदर्शन में कुडू प्रखंड के सभागार में मिशन वात्सल्य के तत्वावधान में बाल विवाह रोकथाम हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर में प्रशासनिक अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, धर्मगुरु और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह अंचलाधिकारी संतोष उरांव ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह आज भी हमारे समाज की एक गंभीर समस्या है, जो न केवल बच्चों के अधिकारों का हनन करता है, बल्कि उनके भविष्य को भी अंधकारमय बना देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड प्रदेश के लगभग हर जिले में बाल विवाह के मामले सामने आते रहते हैं और इसे रोकने के लिए सभी स्तरों पर ठोस कदम उठाना आवश्यक है।
अभिलाषा कुमारी, नीति आयोग AVA जिला समन्वयक ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा ने प्रतिभागियों को बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। इसमें उन वर्गों को भी शामिल किया गया, जिनकी भूमिका बाल विवाह की प्रक्रिया में अनजाने में जुड़ जाती है, जैसे टेंट वाले, बैंड-बाजा वाले और अन्य आयोजनकर्ता। उन्हें विशेष रूप से समझाया गया कि यदि वे बाल विवाह से जुड़े किसी भी आयोजन में सहयोग करेंगे तो वे भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।

संरक्षण पदाधिकारी अनुरंजन कुमार ने कहा की राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, संपूर्ण राज्य या उसके ऐसे भाग के लिए, जो उस अधिसूचना में विनिर्दिष्ट किया जाए, बाल-विवाह प्रतिषेध अधिकारी के नाम से ज्ञात, किसी अधिकारी या अधिकारियों की नियुक्ति करेगी, जिसकी अधिकारिता, अधिसूचना में विनिर्दिष्ट क्षेत्र या क्षेत्रों पर होगी।
बाल-विवाह प्रतिषेध अधिकारी का यह कर्तव्य है कि
बाल-विवाह के अनुष्ठापन का संवर्धन करने, सहायता देने या होने देने में अन्तर्वलित न होने के लिए व्यष्टिक मामलों में सलाह दे
लोहरदगा ग्राम स्वराज्य संस्थान के जिला समन्वयक जितेंद्र कुमार व कम्युनिटी सोशल वर्कर ने कार्यक्रम में PPT के माध्यम से विचार रखे।इस मौके पर प्रखंड प्रमुख, सोशल वर्कर स्नेहलता तिग्गा, सभी बाल विवाह निषेध पदाधिकारी- बाल विकास परियोजना पदाधिकारी महिला पर्यवेक्षाका पंचायत सचिव, पंचायत के मुखिया, पैरा लीगल वालंटियर, ग्राम प्रधान मौजूद रहे।