UPI शुल्क के मुद्दे पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, केएन त्रिपाठी बोले- जनता पर बढ़ेगा बोझ
आम जनता पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ : केएन त्रिपाठी
यूपीआई शुल्क के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र को घेरा
मेदिनीनगर। कांग्रेस ने यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाए जाने की संभावित व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने कहा कि सरकार यूपीआई पर लागू शून्य शुल्क की व्यवस्था में बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
केएन त्रिपाठी ने कहा कि दो हजार रुपये से अधिक के व्यापारिक यूपीआई लेनदेन की संख्या भले ही करीब पांच प्रतिशत हो, लेकिन कुल यूपीआई लेनदेन में इसकी हिस्सेदारी करीब 65 प्रतिशत है। ऐसे में शुल्क का बोझ अंततः ग्राहकों पर पड़ने की आशंका है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ग्राहक से सीधे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा तो दुकानदारों पर लगने वाला शुल्क आखिर कहां से आएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी भुगतान कंपनियां लंबे समय से भारत की शून्य एमडीआर नीति का विरोध करती रही हैं और अब सरकार ने इस नीति में बदलाव का रास्ता खोल दिया है।
उन्होंने कहा कि दस वर्ष पहले नोटबंदी को डिजिटल भुगतान और नकदी रहित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के उपाय के रूप में पेश किया गया था। ऐसे में यूपीआई पर शुल्क लगाने की संभावित व्यवस्था सरकार की उस नीति पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने दावा किया कि पांच हजार रुपये के लेनदेन पर 25 रुपये और दस हजार रुपये के लेनदेन पर 50 रुपये तक की वसूली हो सकती है।

