UPI पर 0.4% MDR शुल्क का प्रस्ताव व्यापारियों के लिए बढ़ाएगा आर्थिक बोझ : राहुल बर्मन

UPI पर 0.4% MDR शुल्क का प्रस्ताव व्यापारियों के लिए बढ़ाएगा आर्थिक बोझ : राहुल बर्मन

गिरिडीह। UPI लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR (Merchant Discount Rate) लगाए जाने के प्रस्ताव को लेकर व्यापारिक समुदाय में चिंता बढ़ गई है। कोयलांचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज एवं सर्राफा संघ, गिरिडीह के अध्यक्ष राहुल बर्मन ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

राहुल बर्मन ने कहा कि देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में व्यापारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। छोटे-बड़े कारोबारियों ने UPI को अपनाकर ग्राहकों के लिए भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाया और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि ₹2,000 से अधिक के UPI लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों की लेन-देन लागत बढ़ सकती है। इसका असर विशेष रूप से उन कारोबारियों पर पड़ने की आशंका है, जिनके व्यवसाय में रोजाना बड़ी संख्या में डिजिटल भुगतान होते हैं।

उन्होंने कहा कि जब देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए व्यापारियों को लगातार प्रोत्साहित किया गया है, ऐसे समय में UPI लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की नीति पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

राहुल बर्मन ने मांग की कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को सुगम और किफायती बनाए रखने के लिए प्रस्तावित MDR शुल्क पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिले और कारोबारियों पर अतिरिक्त वित्तीय भार भी न पड़े।