सूचना आयोग के कामकाज पर सिविल सोसाइटी ने उठाए सवाल

सूचना आयोग के कामकाज पर सिविल सोसाइटी ने उठाए सवाल

गिरिडीह, 2 सितंबर 2026:
सिविल सोसाइटी गिरिडीह ने झारखंड राज्य सूचना आयोग के कामकाज, लंबित द्वितीय अपील एवं शिकायत वादों तथा सूचना आयुक्तों पर होने वाले सार्वजनिक खर्च को लेकर सरकार और आयोग से आंकड़ों सहित जवाब मांगा है।

सिविल सोसाइटी ने कहा कि सूचना का अधिकार नागरिकों का महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक हथियार है। ऐसे में आयोग में मामलों का समयबद्ध निपटारा बेहद जरूरी है। चार नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति और 1 जुलाई 2026 को शपथ ग्रहण के बाद अब जनता जानना चाहती है कि आयोग ने कितने मामलों की सुनवाई और कितने मामलों का निष्पादन किया।

संगठन ने मांग की कि आयोग सार्वजनिक करे कि वर्तमान में कितने द्वितीय अपील एवं शिकायत वाद लंबित हैं, इनमें कितने मामले छह माह, एक वर्ष, दो वर्ष या उससे अधिक पुराने हैं तथा लंबित मामलों के निपटारे के लिए क्या समयबद्ध कार्ययोजना है।

साथ ही सूचना आयुक्तों के वेतन, भत्ते, वाहन, आवास, चिकित्सा एवं अन्य सुविधाओं पर 1 जुलाई 2026 से अब तक हुए सार्वजनिक व्यय का विवरण भी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

सिविल सोसाइटी ने स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप नहीं, बल्कि संस्थागत पारदर्शिता और जवाबदेही का सवाल है। संगठन ने कहा, “जनता का पैसा, जनता की संस्था और जनता के प्रति जवाबदेही—इन तीनों का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए।”

सिविल सोसाइटी गिरिडीह ने सरकार एवं राज्य सूचना आयोग से आंकड़े सार्वजनिक कर लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए ठोस और समयबद्ध कदम उठाने की मांग की है।