पांकी के मोहलनियाटांड़ स्कूल में व्यवस्था बदहाल, 78 में सिर्फ 6 बच्चे पहुंचे

पांकी के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय मोहलनियाटांड़ में व्यवस्था बदहाल, 78 नामांकित बच्चों में से पहुंचे महज 6 छात्र

​जर्जर भवन, बदहाल रसोईघर और ठप पेयजल योजना को लेकर जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

​पांकी
प्रखंड के अत्यंत सुदूरवर्ती क्षेत्र स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय मोहलनियाटांड़ में सरकारी शिक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खुल गई है। विद्यालय में दो-दो शिक्षकों की पदस्थापना होने के बावजूद बच्चों की उपस्थिति नगण्य है। कुल 78 नामांकित बच्चों में से विद्यालय में महज आधा दर्जन (6) छात्र ही उपस्थित पाए गए।
विद्यालय में कुल 78 बच्चों का नामांकन दर्ज है, लेकिन कक्षाओं में सन्नाटा पसरा रहता है। विद्यालय में उपस्थिति पंजी तक उपलब्ध नहीं रहती जिससे शिक्षकों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
​ कक्षाओं की छत का प्लास्टर पूरी तरह टूटकर गिर चुका है और छत की छड़ें (सरिया) बाहर लटक रही हैं। ऐसे माहौल में बच्चों को बिठाना किसी बड़े हादसे को आमंत्रण देने जैसा है।
​ मध्याह्न भोजन (MDM) पकाने के लिए बना रसोईघर बेहद जर्जर स्थिति में है। धूएं से भरी खुली जगह पर मिट्टी के चूल्हे पर भोजन पकाया जा रहा है, जहाँ स्वच्छता के कोई मानक मौजूद नहीं हैं।
​विद्यालय में नल-जल योजना पूरी तरह फेल साबित हो चुकी है। बेसिन और पानी के पाइप टूट-फूट चुके हैं तथा उन पर काई जमी हुई है, जिससे बच्चों को स्वच्छ पेयजल तक नसीब नहीं हो पा रहा है।
विद्यालय की इस लचर व्यवस्था को लेकर वार्ड सदस्य मोहन उरांव के नेतृत्व में ग्रामीण बालो उरांव सहित अन्य ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अनदेखी और शिक्षकों की मनमानी के कारण बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए दोषी कर्मियों पर तत्काल कार्रवाई करने और विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं बहाल करने की मांग की है।