SIR-2026 में लापरवाही पर सख्त उपायुक्त, कहा- प्रगति नहीं तो होगी कार्रवाई

SIR-2026 :इन्यूमरेशन फॉर्म वितरण व डिजिटाइजेशन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, प्रगति नहीं दिखी तो होगी कार्रवाई :उपायुक्त

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के तहत इन्यूमरेशन (गणना) फॉर्म के वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्य की प्रगति की समीक्षा सोमवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि SIR से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निर्धारित समयसीमा के अनुरूप अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

समीक्षा बैठक में हुसैनाबाद एवं विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी तथा सभी सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े, जबकि पांकी एवं डालटनगंज विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी उपायुक्त के कार्यालय कक्ष से बैठक में उपस्थित रहे।

उपायुक्त ने बताया कि 30 जून से ही बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर इन्यूमरेशन (गणना) फॉर्म का वितरण किया जा रहा है। फॉर्म वितरण के बाद उसे प्राप्त कर डिजिटाइजेशन करते हुए बीएलओ ऐप पर अद्यतन करना अनिवार्य है। उन्होंने एक-एक विधानसभा क्षेत्र की प्रगति की समीक्षा करते हुए अपेक्षाकृत कम फॉर्म वितरण एवं डिजिटाइजेशन पर नाराजगी व्यक्त की।

उन्होंने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजर को प्रतिदिन तीन स्पष्ट लक्ष्य—फॉर्म वितरण, फॉर्म संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन—दिए जाएं तथा प्रतिदिन उनके विरुद्ध उपलब्धि की मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लक्ष्य और उपलब्धि में अंतर होने पर तत्काल कारणों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

उपायुक्त ने पंचायतों में आयोजित विशेष SIR कैंपों के संबंध में भी निर्देश दिया कि कैंप में निर्धारित दिवस का लक्ष्य पूरा किए बिना कैंप बंद नहीं किया जाए। प्रत्येक कैंप से अधिकतम फॉर्म वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने दो टूक कहा कि इन्यूमरेशन (गणना) फॉर्म के वितरण एवं डिजिटाइजेशन कार्य की धीमी प्रगति किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। जिस स्तर से भी लापरवाही सामने आएगी, संबंधित बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजर अथवा सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्य प्राप्त करना सुनिश्चित करें।