शिक्षक की कथित लापरवाही से 7 वर्षीय छात्र की पिटाई, हाथ में हुआ फ्रैक्चर

शिक्षक की लापरवाही से मासूम छात्र के साथ बर्बरता: सहपाठियों ने की जमकर पिटाई,हाथ में हुआ फ्रैक्चर।

मनातू से अनिल कुमार की रिपोर्ट

मनातू (पलामू )पलामू जिले के मनातू प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बंसी खुर्द पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बंसी खुर्द विद्यालय में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की सजगता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।विद्यालय में पढ़ाई करने वाले एक 7 वर्षीय मासूम छात्र को उसके ही सहपाठियों ने मिलकर बेरहमी से पीट दिया। इस घटना में पीड़ित मासूम का हाथ फ्रैक्चर हो गया है।

तुलसी भुइयाँ के 7 वर्षीय मासूम बच्चा रामकुमार ने बताया कि घटना के समय कक्षा से शिक्षक कार्यालय में बैठकर गपशप और मोबाइल देख रहे थे।शिक्षकों की गैर मौजूदगी में विद्यालय में ही पढ़ाई करने वाले बच्चों को पढ़ने के लिए बोले थे। और बच्चे ही पढ़ रहे थे।और बच्चों ने मासूम बच्चा को गाना गाने को कहा।जब मासूम छात्र गाना नहीं गया तो पढ़ाने वाला बच्चों ने मामूली सी बात पर मासूम छात्र पर हमला कर दिया।और उसकी लात-घूसों से पिटाई कर दी।छात्र के चीखने-चिल्लाने के बाद भी मौके पर कोई शिक्षक या जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं था।

घटना के बाद जब घायल छात्र दर्द से कराहते हुए घर पहुंचा,तो परिजनों को पूरे मामले की जानकारी हुई।तब परिजन तुरंत विद्यालय के प्रिंसिपल धीरेंद्र रजक को जानकारी दिया।प्रिंसिपल धीरेंद्र रजक ने आनन फानन में मासूम छात्र का इलाज पहले तरहसी स्वास्थ्य केंद्र में करवाया। उसके बाद मामला गंभीर होने के बाद मेदिनीनगर सदर अस्पताल में इलाज करवाया। प्रिंसिपल धीरेंद्र रजक ने मासूम बच्चा के परिजनों को पैसा देने एवं इलाज करवाने का लालच दे रहा है।घटना से आक्रोशित परिजनों ने स्कूल प्रशासन और शिक्षकों की घोर लापरवाही पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।परिजनों का कहना है कि जब बच्चे स्कूल में सुरक्षित ही नहीं हैं।तो यह सीधे तौर पर शिक्षकों की गैर- जिम्मेवारी कार्यशैली को दर्शाता है।

परिजनों ने दोषी सहपाठियों के अभिभावकों तथा ड्यूटी पर तैनात लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।ताकि भविष्य में किसी अन्य बच्चे के साथ ऐसा हादसा न हो।