संत मरियम आवासीय विद्यालय में मातृ दिवस पर सजी सुर-संध्या, मां के सम्मान में गूंजे भक्ति और संवेदना के स्वर
संत मरियम आवासीय विद्यालय में मातृ दिवस पर सजी सुर-संध्या, मां के सम्मान में गूंजे भक्ति और संवेदना के स्वर
मेदिनीनगर। मातृ दिवस के अवसर पर संत मरियम आवासीय विद्यालय में मां के सम्मान में “सुर संध्या” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम भावनाओं, संगीत और मातृत्व की ममता से सराबोर रहा, जहां कलाकारों और विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी को भावुक कर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मदर टेरेसा ग्रुप सेवा सदन से पूनम मिंज, अमबिला खलको एवं बर्णिका गुड़िया उपस्थित रहीं।
मातृ दिवस की इस विशेष संध्या को यादगार बनाने के लिए पलामू के प्रसिद्ध लोक कलाकार राम-श्याम बंधु ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। वहीं लोक गायक उमाशंकर मिश्रा, भजन गायक विनायक शर्मा, रोहित, ओंकार नाथ तिवारी एवं सौरभ दुबे ने मां को समर्पित गीत और भजनों की शानदार प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।
प्रसिद्ध बांसुरी वादक पवन कुमार शर्मा ने अपनी बांसुरी की मधुर धुनों से कार्यक्रम में आध्यात्मिक वातावरण उत्पन्न किया। संगत कलाकारों में तबला पर भूपेश शर्मा, कीबोर्ड पर मोहित नायक एवं जोड़ी पर शिवराम जी ने अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान हाल ही में घटित जयपुर क्रूज़ दुर्घटना में मां और बेटे से जुड़ी मार्मिक घटना को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि भी दी गई। मंच से मां और बेटे के अटूट रिश्ते एवं मां की ममता को भावपूर्ण शब्दों में याद किया गया, जिसने उपस्थित लोगों की आंखें नम कर दीं।
विद्यालय के छात्रावास में रहकर अध्ययन कर रहे बच्चों ने कविता, गीत और भावपूर्ण पंक्तियों के माध्यम से मां के त्याग, प्रेम और ममता को अभिव्यक्त करने का प्रयास किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के चेयरमैन श्री अविनाश देव ने कहा कि मां की ममता को केवल शब्दों में बांध पाना संभव नहीं है। मां का स्थान संसार में सर्वोच्च है और उसकी महिमा का जितना वर्णन किया जाए, वह कम है। उन्होंने कहा कि मातृ दिवस मनाने की वास्तविक सार्थकता तब होगी, जब कोई मां वृद्धाश्रम जाने को मजबूर नहीं होगी।
वहीं शिक्षक प्रवीण दुबे ने कहा कि एक मां अपने बच्चों के पालन-पोषण में अनगिनत संघर्ष और पीड़ा सहती है, लेकिन कभी अपने बच्चों पर आंच नहीं आने देती। मां का त्याग और समर्पण ही परिवार की सबसे बड़ी शक्ति है।
कार्यक्रम में स्कूल के छात्र अभिनव कुमार, प्राची कुमारी, स्नेह लता कुमारी व अन्य ने भी भजन प्रस्तुत किया।

