सामाजिक कुरीति निवारण एवं बाल विवाह मुक्त झारखंड विषय पर अनुमंडल स्तरीय कार्यशाला
सामाजिक कुरीति निवारण एवं बाल विवाह मुक्त झारखंड विषय पर अनुमंडल स्तरीय कार्यशाला।
नौडीहा बाजार/पप्पु यादव
छतरपुर
प्रखंड परिसर, छतरपुर में आज सामाजिक कुरीति निवारण योजना, बाल विवाह मुक्त झारखंड, मिशन शक्ति एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित अनुमंडल स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का उद्घाटन जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान, मुखिया संघ अध्यक्ष, बीडीओ छतरपुर, पिपरा, नौडीहा बाजार, हरिहरगंज, राज्य समन्वयक अमित कुमार एवं धर्मगुरुओं द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया गया।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि बाल विवाह उन्मूलन हेतु केंद्र सरकार का 100 दिवसीय जागरूकता अभियान संचालित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बालिका की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष और बालक की 21 वर्ष है; इससे कम आयु में विवाह कराना अपराध है। बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 और पुलिस हेल्पलाइन 112 पर देने की अपील की गई।
बी डी ओ हरिहरगंज ने डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 2001 की जानकारी देते हुए बताया कि किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करना दंडनीय अपराध है। यूनिसेफ के रिसोर्स पर्सन ने मिशन शक्ति अंतर्गत बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सखी वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181, शक्ति सदन, पालना सहित सेवाओं—चिकित्सीय सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श, पुलिस व विधिक सहायता—की जानकारी दी।
बी डी ओ नौडीहा बाजार ने सावित्रीबाई किशोरी समृद्धि योजना के तहत कक्षा 8 से 12 तक किशोरियों को एकमुश्त ₹40,000 की सहायता एवं कन्यादान योजना के अंतर्गत ₹30,000 की सहायता की जानकारी दी।
बी डी ओ, छतरपुर ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई एवं कानूनन अपराध है। इसके लिए दोषियों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना एवं दो वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। उन्होंने महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार की हिंसा एवं अमानवीय कृत्यों को समाज के लिए घातक बताया। बी डी ओ पिपरा ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की जानकारी दी।
धर्मगुरुओं एवं समाजसेवियों ने शिक्षा, जागरूकता और किशोर-किशोरियों के सशक्तिकरण पर जोर दिया। मासूम आर्ट केंद्र द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बाल विवाह के दुष्प्रभाव और कानूनी प्रावधानों पर जागरूकता फैलाई गई। अंत में सभी प्रतिभागियों को बाल विवाह मुक्त झारखंड की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम का संचालन शालिनी श्रीवास्तव ने किया।
इस अवसर पर सभी प्रखंडों के पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, बीईईओ, सीडीपीओ, मुखिया, पंचायत सचिव, जेएसएलपीएस प्रतिनिधि, महिला पर्यवेक्षिकाएं, आंगनबाड़ी सेविकाएं, धर्मगुरु एवं अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित थे।

