रमकंडा विद्यालय में छात्रों से कलावा-माला उतरवाने का मामला, निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग
रमकंडा विद्यालय में छात्रों से कलावा एवं माला उतरवाने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण, निष्पक्ष जांच कर दोषी पर हो कार्रवाई : निशांत चतुर्वेदी
झारखंड छात्र मोर्चा के जिलाध्यक्ष निशांत चतुर्वेदी ने रमकंडा प्रखंड स्थित विद्यालय में एक शिक्षक द्वारा छात्र-छात्राओं से कलावा एवं माला उतरवाए जाने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसकी निष्पक्ष जांच एवं दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मोर्चा के जिलाध्यक्ष निशांत चतुर्वेदी ने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय के एक शिक्षक ने छात्र-छात्राओं से उनके हाथों में बंधे कलावे तथा गले में पहनी हुई माला उतरवा दी। इस घटना से छात्र-छात्राएं मानसिक रूप से आहत हुए हैं। इसके विरोध में विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कराने तथा संबंधित शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो यह विद्यार्थियों की धार्मिक आस्था, संवैधानिक अधिकारों और व्यक्तिगत गरिमा से जुड़ा गंभीर विषय है। भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी धार्मिक आस्था का सम्मान करने और उसका पालन करने का अधिकार देता है। विद्यालय शिक्षा, संस्कार, समानता और आपसी सम्मान का केंद्र होता है, इसलिए किसी भी छात्र के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए जिससे उसकी भावनाएं आहत हों।
झारखंड छात्र मोर्चा ने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। यदि जांच में संबंधित शिक्षक दोषी पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं कि विद्यार्थियों की धार्मिक आस्था, व्यक्तिगत गरिमा और मौलिक अधिकारों का सम्मान किया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

