राजभवन से लेकर केन्द्रीय जांच एजेंसियां तक केन्द्र के हाथों की बनी है कठपुतली : सुबोध पासवान
राजभवन से लेकर केन्द्रीय जांच एजेंसियां तक केन्द्र के हाथों की बनी है कठपुतली : सुबोध पासवान
चतरा / ED केन्द्र सरकार के इसारे पर जिस तरह से झारखंड की स्थाई सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झूठे केस के जाल में फसाने का काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे और 43 विधायकों के समर्थन के बहुमत की चिठ्ठी महामहिम को सौंपने के बाद भी महामहिम द्वारा विधायक दल के नए नेता चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री पद के शपथ दिलाने में किए जा रहे विलम्ब से राज्य में संवैधानिक संकट गहराता जा रहा है। और विधायकों के खरीद-फरोख्त की संभावनाएं बढ़ती जा रही है। उक्त बातें प्रदेश के युवा राजद नेता सुबोध पासवान ने एक भेंट में कही। श्री पासवान ने कहा कि तमाम केन्द्रीय जांच एजेंसियां आज केन्द्र सरकार के हाथों की कठपुतली बनकर रह गई है जो विपक्षी सरकार के सभी विधायकों सांसदों को झूठे केस में फंसाने का काम कर रही है। कल बीते दिन हेमंत सोरेन के साथ भी ऐसा ही हुआ। यदि मुख्यमंत्री को गिरफ्तार ही करना था तो पूछ-ताछ का नाटक क्यों रचा गया। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपना इस्तीफा महामहिम को सौंपते हुए नए मुख्यमंत्री के रूप में चंपई सोरेन को शपथ दिलाने का आग्रह किया वहीं चंपई सोरेन ने भी महामहिम से भेंट कर 43 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा और विधायकों का परेड कराने की अनुमति भी मांगी, लेकिन महामहिम द्वारा विधायकों का परेड कराने की जरूरत नहीं बताते हुए मामले को ठंढे बस्ते में डाल दिए जाने से जहां राज्य मुख्यमंत्री विहीन हो गई है और संवैधानिक संकट गहरा गया है। वहीं विधायकों के खरीद-फरोख्त करने वाली विपक्षी पार्टियां डोरे डालने में जुट गई है। और यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि सब कुछ स्पष्ट होते हुए भी महामहिम चुप्पी साधे बैठे हैं। महामहिम की चुप्पी से राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि राजभवन भी केन्द्र के इसारे पर काम कर रही है।
