प्रभात मेहता हत्याकांड की CBI जांच की मांग, भाकपा ने पुलिस SIT पर उठाए सवाल

प्रभात मेहता हत्याकांड पर उठे भाकपा ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस सीबीआई जांच की मांग

रूचिर तिवारी बोले- पुलिस की एसआईटी जांच पर भरोसा कैसे हो, जब आरोपों के घेरे में पुलिसकर्मी ही

मेदिनीनगर, पलामू :भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता सूर्यपत सिंह पलामू जिला सचिव सह डाल्टनगंज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी रूचिर कुमार तिवारी, अधिवक्ता बंशीधर त्रिवेदी ने प्रभात मेहता हत्याकांड की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अथवा हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराने की मांग झारखंड सरकार से की है। उन्होंने कहा कि मामले में जिस तरह के सवाल सामने आ रहे हैं, उससे निष्पक्ष जांच को लेकर गंभीर संदेह पैदा हो रहा है।
रूचिर तिवारी ने कहा कि प्रभात मेहता के भाई करीब 10 दिन पहले उनके आवास पर आए थे और उन्होंने पूरे मामले की जानकारी उन्हें दी थी। उनके अनुसार प्रभात मेहता 23 जुलाई को अपने घर से लापता हुए थे और 26 मई को उनका शव बरामद हुआ। प्रभात के भाई का आरोप है कि उन्हें पलामू के आरक्षी अधीक्षक की ओर से बताया गया था कि उनका भाई पुलिस कस्टडी में है। बाद में कथित तौर पर पुलिस की ओर से यह कहते हुए बात बदल दी गई कि गलतफहमी हो गई थी।
श्री तिवारी ने कहा कि प्रभात मेहता पुलिस के लिए मुखबिरी का काम करता था। ऐसे में उसकी मौत की परिस्थितियों और पुलिस से जुड़े कथित पहलुओं की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर मीडिया में भी पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पलामू के एक भी समाचार पत्र और मीडिया कर्मी में इस मामला को नहीं उठाया तब प्रभात मेहता ने रांची में जाकर चैनल एवं यूट्यूब पर के माध्यम से अपने मामलों को उठाया उसके बाद पलामू के आरक्षण अधीक्षक ने आनन -फानन में एस आइटी का गठन किया है। जो सिर्फ पुलिसकर्मियों को बरी कर लीपा पोती करेंगे। श्री तिवारी ने अभी कहा कि तमिलनाडु के न्यायालय ने 9 पुलिस कर्मियों को फांसी की सजा सुनाई थी आजकल रक्षक भी भक्षक बन गए हैं जिन पर जांच जरूरी है।
श्री तिवारी ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में बाहरी और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना ही उचित होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभात मेहता हत्याकांड की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज या सीबीआई से कराई जाए, ताकि किसी भी पक्ष के प्रभाव की आशंका न रहे और सच्चाई सामने आ सके। साथ ही साथ उन्होंने अभी कहा कि ओबीसी की राजनीति करने वाले बड़े नेता भाजपा विधायक शशि भूषण मेहता अजीत मेहता आज ओबीसी की हत्या पर चुप क्यों है। कुछ दिन पहले जब सदर अंचल अधिकारी अमरदीप मल्होत्रा पर आरोप लगा था तब सारे ओबीसी नेता एक मंच पर आकर निर्दोष आशुतोष तिवारी को दोषी ठहरा रहे थे और जात की राजनीति कर रहे थे आज वह जात के नेता एक कमजोर व्यक्ति की हत्या हुई है तो सब चुप्पी साधे हुए हैं।
उन्होंने झारखंड सरकार से मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके भाई की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग भी किया है।