“पलामू: लावारिस मिले नवजात पर गढ़वा के दंपती ने जताया दावा, बाल कल्याण समिति ने डीएनए जांच के दिए आदेश
पलामू: एक नवजात शिशु को शाहपुर के निजी नर्सिंग होम में एक महीने पहले भर्ती कराया गया था. भर्ती कराने वाली महिला ने खुद को सहिया बताया था. डॉक्टर निजी नर्सिंग होम में बच्चे के इलाज की तैयारी कर रहे थे. उसी दौरान महिला घर से पैसे लाने की बात कहकर अस्पताल से फरार हो गई. घटना के ठीक एक महीने बाद, गढ़वा के एक दंपती ने नवजात बच्चे पर अपना दावा किया है.दंपती का कहना है कि बच्चा उनकी संतान है. अब पूरा मामला पलामू के बाल कल्याण समिति तक पहुंच गया है. बाल कल्याण समिति ने दंपती एवं बच्चे के डीएनए सैंपल को जांच के लिए भेज दिया है. डीएनए जांच के बाद दंपती के दावों की पुष्टि होगी.दरअसल एक महीने पहले पलामू के चैनपुर के एक निजी नर्सिंग होम में बीमार नवजात शिशु को भर्ती कराया गया था. भर्ती कराने वाली महिला ने खुद को सहिया बताया था और डॉक्टर से सुबह मिलने की बात कहकर चली गई थी. महिला के वापस नहीं लौटने पर अस्पताल की तरफ से 112 पर पूरी जानकारी दी गई थी. पलामू समाज कल्याण विभाग ने पूरे मामले में पहल करते हुए नवजात का सबसे पहले रेस्क्यू किया और इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल में भर्ती कराया. अब नवजात एक महीने का हो चुका है और वह फिलहाल मिशन ऑफ चैरिटी के पास है.
गढ़वा केएक दंपती ने जताया दावा
पलामू बाल कल्याण समिति के समक्ष गढ़वा के एक दंपती बच्चे के दावे के साथ पहुंचा है. दंपती ने सीडब्ल्यूसी को बताया कि नवजात को पड़ोसी के भरोसे छोड़ दिया था और पड़ोसी ने ही इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था. घटना के एक सप्ताह बाद दंपती सीडब्ल्यूसी के पास पहुंचा था और बच्चे पर अपना दावा ठोक रहा है. दंपति की दलील है कि बच्चे की मां की तबीयत खराब थी. इसलिए उन्होंने महिला पर भरोसा करके नवजात उसे सौंपा था. उनकी आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है.

