पांकी में सार्वजनिक धूमकुड़िया भवन पर दबंगई, चहारदीवारी तोड़कर बनाया जा रहा निजी मकान

पांकी में सार्वजनिक धूमकुड़िया भवन पर दबंगई, चहारदीवारी तोड़कर बनाया जा रहा निजी मकान

​पलामू जिले के पांकी प्रखंड अंतर्गत हुरलौंग पंचायत के गोगाड़ गाँव से सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ कल्याण विभाग द्वारा निर्मित सार्वजनिक धूमकुड़िया भवन पर एक व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर उसका निजी उपयोग किया जा रहा है।
​ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गोगाड़ गाँव में आदिवासियों और स्थानीय समुदाय की सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए ‘धूमकुड़िया भवन’ का निर्माण कुछ ही समय पहले पूर्ण हुआ था। इस योजना के लिए आवंटित राशि की निकासी भी की जा चुकी है। लेकिन, भवन का लाभ ग्रामीणों को मिलने के बजाय, जिस व्यक्ति की जमीन पर यह भवन बना है, उसी के द्वारा इस पर कब्जा कर लिया गया है।
​नियमों की धज्जियाँ, चहारदीवारी पर निर्माण-​हैरानी की बात यह है कि धूमकुड़िया भवन की चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) को क्षतिग्रस्त कर, उसी के ऊपर एक निजी पक्का मकान बनाया जा रहा है। भवन के परिसर का उपयोग निजी आवास योजना के तहत किया जा रहा है, जिससे इसकी सार्वजनिक उपयोगिता पूरी तरह समाप्त हो गई है।
​इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सरकारी पैसे का उपयोग निजी संपत्ति बनाने के लिए किया जा रहा है, जो कि सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का मामला है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से माँग की है कि
​योजना के क्रियान्वयन की उच्च स्तरीय जाँच की जाए एवं
​सार्वजनिक भवन से अवैध कब्जा हटाया जाए।
​सरकारी संपत्ति को नुकसान –
​यह मामला एक बार फिर पलामू के सुदूर क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के बंदरबांट और प्रभावशाली लोगों द्वारा सार्वजनिक संपत्तियों के निजीकरण की ओर इशारा करता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पर क्या कड़ा रुख अपनाता है।